भारत का एफटीए यूटिलाइजेशन प्लान: 38 देशों के साथ व्यापार बढ़ाने का लक्ष्य
FTA Utilisation Plan: भारत ने खोल लिए हैं 38 देशों के ताले, अब एंट्री का प्लान, ₹188 लाख करोड़ का टारगेट
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भारत ने 38 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) के जरिए अपने निर्यात को बढ़ाकर 2 ट्रिलियन डॉलर (करीब ₹188 लाख करोड़) करने का लक्ष्य रखा है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने व्यापार को बढ़ावा देने के लिए उद्योग संघों और व्यवसायों के साथ बैठकें की हैं।
- 01भारत ने 38 देशों के साथ एफटीए किए हैं, जिनका कुल वैश्विक आयात लगभग $12 ट्रिलियन है।
- 02भारत का लक्ष्य 2025-26 तक गुड्स और सर्विसेज का निर्यात 2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाना है।
- 03वाणिज्य मंत्री ने निर्यात को बढ़ावा देने के लिए उद्योग संघों के साथ कई बैठकें की हैं।
- 04भारत के कृषि, कपड़ा, रत्न और आभूषण जैसे क्षेत्रों को एफटीए से लाभ होगा।
- 05विशेषज्ञों का मानना है कि एफटीए को केवल टैरिफ कटौती के रूप में नहीं देखना चाहिए।
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भारत ने अपने व्यापार को बढ़ावा देने के लिए 38 देशों के साथ कई मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिनमें ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात, अमेरिका, और यूरोपीय संघ शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य है कि वह आने वाले वर्षों में गुड्स और सर्विसेज का निर्यात बढ़ाकर 2 ट्रिलियन डॉलर (करीब ₹188 लाख करोड़) तक पहुंचाए। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस दिशा में उद्योग संघों और व्यवसायों के साथ कई बैठकें की हैं। इन बैठकों में निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एफटीए के उपयोग पर चर्चा की गई। भारत के कृषि, कपड़ा, रत्न और आभूषण जैसे क्षेत्रों को इन समझौतों से विशेष लाभ होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय व्यवसायों को एफटीए को केवल टैरिफ कटौती के रूप में नहीं देखना चाहिए, बल्कि इसे वैश्विक मूल्य श्रृंखला में एकीकृत होने और विश्वसनीय व्यापार साझेदार के रूप में स्थापित करने का एक अवसर समझना चाहिए।
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इस योजना से भारतीय व्यवसायों को वैश्विक बाजारों में बेहतर पहुंच मिलेगी, जिससे निर्यात बढ़ेगा और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
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