चीन की चिंता बढ़ाई क्वाड की नई समुद्री पहरेदारी योजना
दिल्ली से निकला एक मैसेज और तिलमिला उठा चीन, क्वाड की मीटिंग देख बोला- ये तो चीटिंग है...

Image: News 18 Hindi
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की तारीफ की, लेकिन क्वाड देशों की नई समुद्री पहरेदारी योजना ने बीजिंग को चिंतित कर दिया है। भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए एक हाई-टेक प्रणाली शुरू करने का निर्णय लिया है।
- 01क्वाड देशों ने हिंद-प्रशांत महासागर में चीन की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए एक नई समुद्री पहरेदारी प्रणाली शुरू करने का निर्णय लिया है।
- 02फिजी के साथ मिलकर पोर्ट को मजबूत करने का ऐलान किया गया है, जिससे चीन की जासूसी योजनाओं को विफल किया जा सके।
- 03चीन ने क्वाड की आलोचना करते हुए इसे छोटे गुटों की राजनीति करार दिया है।
- 04विशेषज्ञों का मानना है कि क्वाड का यह कदम चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के लिए चिंता का कारण बन गया है।
- 05भारत ने स्पष्ट किया है कि समुद्र किसी एक देश की संपत्ति नहीं है और सभी देशों को नियमों का पालन करना होगा।
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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की प्रशंसा की, लेकिन दिल्ली में आयोजित क्वाड की बैठक ने बीजिंग को चिंतित कर दिया। भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने हिंद-प्रशांत महासागर में चीन की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए एक हाई-टेक समुद्री पहरेदारी प्रणाली शुरू करने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत फिजी के साथ सहयोग बढ़ाने का ऐलान किया गया, जिससे चीन की जासूसी गतिविधियों को रोकने में मदद मिलेगी। चीन ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे 'चीटिंग' और छोटे गुटों की राजनीति करार दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि क्वाड का यह कदम चीन के लिए एक बड़ा झटका है, जिससे उसकी समुद्री दादागिरी पर अंकुश लगेगा। भारत ने स्पष्ट किया है कि महासागर किसी एक देश का नहीं है और सभी को नियमों का पालन करना होगा।
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क्वाड की नई समुद्री पहरेदारी योजना से भारत की स्थिति मजबूत हुई है और चीन की समुद्री गतिविधियों पर अंकुश लगेगा।
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