भारत ने Su-30MKI लड़ाकू विमानों के लिए नई तकनीक का किया प्रस्ताव
रूस के पास नहीं थे सैलरी के पैसे, फिर भारत ने बचाई सुखोई की लाज, दिलचस्प है Su-30MKI खरीदने का इतिहास
Image: Nbt Navbharattimes
भारत ने Su-30MKI लड़ाकू विमानों के लिए अत्याधुनिक एंटी-जैमिंग और एंटी-स्पूफिंग GPS एंटीना अपग्रेड करने हेतु 'रिक्वेस्ट फॉर प्रपोज़ल' जारी किया है। यह कदम भारतीय वायुसेना की तकनीकी क्षमता को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है।
- 01भारत ने 258 Su-30MKI विमानों के लिए एंटीना इलेक्ट्रॉनिक यूनिट सिस्टम की आपूर्ति हेतु बोलियां आमंत्रित की हैं।
- 02यह नई प्रणाली कई सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम को सपोर्ट करेगी, जिसमें भारत का NaVIC भी शामिल है।
- 03भारत ने 1996 में रूस से 50 Su-30 विमानों का 1.462 अरब डॉलर का सौदा किया था।
- 042000 में HAL के साथ समझौता हुआ, जिसके तहत 140 विमानों का निर्माण भारत में किया जाना था।
- 05पहला MKI विमान 2004 में भारतीय वायुसेना में शामिल हुआ।
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भारतीय रक्षा मंत्रालय ने Su-30MKI लड़ाकू विमानों के बेड़े को अपग्रेड करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस संबंध में 'रिक्वेस्ट फॉर प्रपोज़ल' (RFP) जारी किया गया है, जिसके तहत 258 विमानों के लिए अत्याधुनिक एंटी-जैमिंग और एंटी-स्पूफिंग मल्टी-कॉन्स्टेलेशन GPS एंटीना की आपूर्ति की जाएगी। यह नई प्रणाली Su-30MKI की नेविगेशन क्षमता को बढ़ाने के लिए डिजाइन की गई है, जो दुश्मन द्वारा जैमिंग के प्रयासों के बावजूद पायलटों को भरोसेमंद पोजिशनिंग डेटा प्रदान करेगी। भारत ने 1990 के दशक में रूस से Su-30 विमानों की खरीद के लिए सहमति दी थी, जब रूस की सैन्य विमानन उद्योग संकट में था। 1996 में भारत ने सुखोई कॉर्पोरेशन के साथ 50 विमानों का सौदा किया, और 2000 में HAL के साथ समझौता किया, जिसके तहत 140 विमानों का निर्माण भारत में किया गया।
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यह अपग्रेड भारतीय वायुसेना की तकनीकी क्षमताओं को बढ़ाएगा, जिससे देश की सुरक्षा में सुधार होगा।
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