भारतीय सेना का 60,000 करोड़ रुपये का FICV प्रोजेक्ट: चीन-पाक सीमाओं पर नई ताकत
60,000 करोड़ का महा-प्रोजेक्ट: चीन से पाकिस्तान की सीमाओं तक... दुश्मन का काल बनेगा भारतीय सेना का नया कॉम्बैट व्हीकल
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Image: Jagran
भारतीय सेना 60,000 करोड़ रुपये की FICV (Future Infantry Combat Vehicle) परियोजना पर काम कर रही है, जो पुराने BMP-2 वाहनों का स्थान लेगी। यह आधुनिक युद्ध के लिए डिज़ाइन किया गया है और चीन-पाकिस्तान सीमाओं पर प्रभावी होगा। परियोजना में लगभग 3,500 वाहनों की आवश्यकता होगी।
- 01FICV परियोजना का कुल बजट 60,000 करोड़ रुपये है।
- 02यह वाहन 20 टन वजनी होगा और इसमें 600 हॉर्सपावर का इंजन होगा।
- 03FICV में ड्रोन तकनीक और एंटी-टैंक मिसाइलें शामिल होंगी।
- 04भारतीय सेना को लगभग 3,500 FICV वाहनों की आवश्यकता होगी।
- 05DRDO, टाटा मोटर्स और महिंद्रा डिफेंस जैसी कंपनियाँ इस परियोजना में शामिल हैं।
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भारतीय सेना अपनी मैकेनाइज्ड वॉरफेयर क्षमता को आधुनिक बनाने के लिए 60,000 करोड़ रुपये की FICV (Future Infantry Combat Vehicle) परियोजना पर तेजी से काम कर रही है। यह परियोजना पुराने BMP-2 वाहनों का स्थान लेगी और इसे चीन की दुर्गम सीमाओं से लेकर पाकिस्तान के रेगिस्तान तक तैनात किया जाएगा। FICV एक ट्रैक्ड बख्तरबंद युद्ध वाहन होगा, जो सैनिकों को सुरक्षित रूप से मोर्चे तक पहुंचाने के साथ-साथ दुश्मन पर भारी फायरपावर भी बरसा सकेगा। इसमें 600 हॉर्सपावर का इंजन और एम्फीबियस क्षमता होगी। भारतीय सेना को इस परियोजना के तहत लगभग 3,500 वाहनों की आवश्यकता होगी, जिसके निर्माण में DRDO, टाटा मोटर्स, और महिंद्रा डिफेंस जैसी कंपनियाँ शामिल हैं। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य आधुनिक युद्ध के लिए आवश्यक तकनीक को विकसित करना है, जिससे भारत की सैन्य रणनीति में एक नया मोड़ आएगा।
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यह परियोजना भारतीय सेना की युद्धक्षमता को बढ़ाएगी और चीन-पाकिस्तान सीमाओं पर सुरक्षा को मजबूत करेगी।
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