भारतीय सेना की 105mm फील्ड गन में 'शूट एंड स्कूट' तकनीक का समावेश
'शूट एंड स्कूट' तकनीक से लैस हुई इंडियन फील्ड गन, पलक झपकते ही दुश्मनों के ठिकाने होंगे तबाह
Jagran
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भारतीय सेना ने 105mm इंडियन फील्ड गन को आधुनिक तकनीक से लैस किया है, जिससे यह अपने आप निशाना लगा सकेगी। यह बदलाव फायरिंग की सटीकता और गति में सुधार करेगा, जिससे सैनिकों की सुरक्षा बढ़ेगी।
- 01105mm इंडियन फील्ड गन को आधुनिक ऑटोमैटिक गन-लेइंग तकनीक से लैस किया गया है।
- 02इस तकनीक से तोप की मारक क्षमता और फायरिंग यूनिट का रिस्पॉन्स टाइम बेहतर होगा।
- 03तोप को सेट करने में लगने वाला समय कम होगा, जिससे सैनिक तेजी से अपनी स्थिति बदल सकेंगे।
- 04यह बदलाव भारतीय सेना की 506 आर्मी बेस वर्कशॉप में किया गया है।
- 05फायरिंग की दर बढ़ाने और सटीकता में सुधार करने के लिए कंप्यूटर की मदद से लक्ष्य सेट किया जाएगा।
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भारतीय सेना ने 105mm इंडियन फील्ड गन को एक नई ऑटोमैटिक गन-लेइंग तकनीक से लैस किया है, जिससे यह अपने आप निशाना लगाने में सक्षम होगी। यह बदलाव सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण अभियान का हिस्सा है और इससे तोपखाने की मारक क्षमता में सुधार होगा। नए डिजिटल फायर-कंट्रोल सिस्टम के माध्यम से तोप को लक्ष्य पर सेट करने में लगने वाला समय कम होगा, जिससे फायरिंग यूनिट का रिस्पॉन्स टाइम बेहतर होगा। इस तकनीक के जरिए सैनिक तेजी से गोली चलाकर अपनी स्थिति बदल सकेंगे, जिससे उनकी सुरक्षा में वृद्धि होगी। यह बदलाव 506 आर्मी बेस वर्कशॉप में किया गया है और इसे सैनिकों द्वारा सराहा जाएगा।
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इस तकनीक के लागू होने से भारतीय सेना की फायरिंग क्षमता में सुधार होगा।
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