भारत ने फ्रांस से 114 राफेल फाइटर जेट खरीदने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया
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भारत ने फ्रांस के साथ 3.25 लाख करोड़ रुपये की डिफेंस डील के तहत 114 राफेल फाइटर जेट खरीदने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया है। इस सौदे में भारत को राफेल का एडवांस वर्जन F4 मिलेगा, जो अधिक शक्तिशाली सेंसर और हथियार प्रणाली से लैस होगा।
- 01भारत ने फ्रांस को 3.25 लाख करोड़ रुपये की डिफेंस डील के तहत 114 राफेल जेट खरीदने के लिए लेटर ऑफ रिक्वेस्ट (LoR) अंतिम रूप दिया है।
- 02इस सौदे में लगभग 90 राफेल विमान भारत में ही निर्मित किए जाएंगे, जबकि बाकी फ्रांस से आयात किए जाएंगे।
- 03राफेल F4 विमानों में उन्नत सेंसर और हथियार प्रणाली शामिल होगी, जिससे भारतीय वायुसेना की क्षमता में वृद्धि होगी।
- 04इस सौदे के तहत स्वदेशी सामग्री का लगभग 50% उपयोग किया जाएगा, जिससे भारत के रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।
- 05भारतीय वायुसेना के पास वर्तमान में 29 लड़ाकू स्क्वाड्रन हैं, जबकि स्वीकृत संख्या 42 स्क्वाड्रन की है।
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भारत ने फ्रांस के साथ 3.25 लाख करोड़ रुपये की डिफेंस डील के तहत 114 राफेल फाइटर जेट खरीदने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दे दिया है। इस सौदे के तहत भारत को राफेल का एडवांस वर्जन F4 प्राप्त होगा, जो पहले के विमानों की तुलना में अधिक शक्तिशाली सेंसर और रडार प्रणाली से लैस होगा। भारत में लगभग 90 राफेल विमानों का निर्माण किया जाएगा, जबकि शेष विमान सीधे फ्रांस से आयात किए जाएंगे। यह खरीद गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट समझौते के तहत की जा रही है, और रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, फ्रांस से LoR का जवाब मिलने के बाद भारत औपचारिक रूप से रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) जारी करेगा। इस डील से भारतीय वायुसेना की घटती स्क्वाड्रन क्षमता को मजबूत करने में मदद मिलेगी, क्योंकि वर्तमान में वायुसेना के पास केवल 29 लड़ाकू स्क्वाड्रन हैं।
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यह डील भारतीय वायुसेना की लड़ाकू क्षमता को मजबूत करेगी और स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देगी।
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