NEET परीक्षा रद्द होने पर पूर्व स्वास्थ्य मंत्री का तीखा हमला, संगठित अपराध का आरोप
पेपर लीक संगठित अपराध, रसूखदारों को मिल रहा संरक्षण: NEET रद होने पर झारखंड के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री का बड़ा हमला

Image: Jagran
झारखंड के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. दिनेश कुमार षड़ंगी ने NEET परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने पर केंद्र सरकार की विफलता की निंदा की। उन्होंने इसे संगठित अपराध करार देते हुए शिक्षा मंत्री को हटाने और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भंग करने की मांग की। परीक्षा रद्द होने से 23 लाख छात्रों को 12 हजार करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।
- 01डॉ. षड़ंगी ने NEET परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक को संगठित अपराध बताया, जिसमें रसूखदार लोग शामिल हैं।
- 02उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की अपील की।
- 03NEET परीक्षा रद्द होने से 23 लाख छात्रों को लगभग 12 हजार करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।
- 04परीक्षा की तैयारी में प्रति छात्र कम से कम 50 हजार रुपये का खर्च आता है।
- 05डॉ. षड़ंगी ने UPSC को NEET आयोजित करने की जिम्मेदारी देने का सुझाव दिया।
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झारखंड के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. दिनेश कुमार षड़ंगी ने NEET (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने पर केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह घटना न केवल परीक्षा तंत्र की विफलता को दर्शाती है, बल्कि यह एक संगठित अपराध है जिसमें पैसे और राजनीतिक रसूख का खेल है। डॉ. षड़ंगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि वे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को मंत्रिमंडल से हटाएं और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भंग करें। उन्होंने यह भी बताया कि परीक्षा रद्द होने से 23 लाख छात्रों को 12 हजार करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है, जिससे छात्रों और उनके परिवारों पर मानसिक दबाव बढ़ गया है। उन्होंने सुझाव दिया कि NEET परीक्षा का आयोजन UPSC द्वारा किया जाए या इसे राज्य स्तर पर विकेंद्रीकृत किया जाए। डॉ. षड़ंगी ने केंद्र सरकार पर भी आरोप लगाया कि अधिकांश मंत्री स्वतंत्र निर्णय लेने में असमर्थ हैं और केवल आदेशपाल के रूप में कार्य कर रहे हैं।
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NEET परीक्षा के रद्द होने से छात्रों को आर्थिक और मानसिक नुकसान हुआ है, जिससे उनकी शिक्षा पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है।
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