झांसी की पूर्व डिप्टी कमिश्नर पर आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज
CGST झांसी की तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर पर आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज, 43 लाख की अवैध संपत्ति जुटाने का है आरोप
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Image: Jagran
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने झांसी की पूर्व डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने 2016 से 2025 के बीच ₹43.18 लाख (लगभग $52,000 USD) की अवैध संपत्ति अर्जित की। यह मामला एक बड़े भ्रष्टाचार कांड से जुड़ा है जिसमें उन्हें और अन्य अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था।
- 01प्रभा भंडारी ने 90.48 लाख रुपये की आय के मुकाबले 88.51 लाख रुपये की संपत्ति अर्जित की।
- 02भंडारी के पास 69.91 लाख रुपये का एक विला, बैंक जमा, आभूषण और एक टाटा हैरियर एसयूवी है।
- 03सीबीआई ने पहले भी अजय शर्मा और अनिल तिवारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले दर्ज किए थे।
- 04भंडारी के खिलाफ मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) और 13(1)(बी) के तहत दर्ज किया गया है।
- 05सीबीआई ने अब तक मामले में करीब 1.6 करोड़ रुपये की नकद राशि बरामद की है।
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केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने झांसी की पूर्व डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है। यह मामला 2016 से 2025 के बीच भंडारी द्वारा अर्जित ₹43.18 लाख (लगभग $52,000 USD) की अवैध संपत्ति से संबंधित है। सीबीआई की जांच में यह पाया गया कि भंडारी ने अपनी ज्ञात आय के मुकाबले अधिक संपत्ति जुटाई है। जांच में यह भी सामने आया कि उन्होंने झांसी स्थित 'नमो होम्स' में ₹69.91 लाख का एक विला खरीदा है। इसके अलावा, उनके पास बैंक जमा, आभूषण और एक टाटा हैरियर एसयूवी भी है। यह मामला एक बड़े भ्रष्टाचार कांड का हिस्सा है जिसमें भंडारी और अन्य अधिकारियों पर जीएसटी मामलों में राहत देने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है। सीबीआई ने पहले भी इस मामले में अजय शर्मा और अनिल तिवारी के खिलाफ अलग-अलग मामले दर्ज किए थे। सीबीआई ने अब तक कुल ₹1.6 करोड़ की नकद राशि बरामद की है और मामले की जांच जारी है।
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यह मामला स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही को बढ़ा सकता है और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाने की आवश्यकता को उजागर करता है।
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