NEET-UG पेपर लीक की जांच: प्रक्रिया में सख्ती के बावजूद कैसे हुआ लीक?
जब प्रश्न पत्र तैयार करने की प्रक्रिया सख्त, तो फिर कैसे NEET-UG का पेपर हुआ लीक?

Image: Jagran
NEET-UG परीक्षा के पेपर लीक की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा की जा रही है। परीक्षा के प्रश्न पत्र तैयार करने की प्रक्रिया में कई सुरक्षा उपाय हैं, लेकिन लीक होने के मामले में शिथिलता या नियमों का पालन न होना मुख्य कारण हो सकता है।
- 01NEET-UG पेपर लीक की जांच CBI और NTA द्वारा की जा रही है।
- 02डॉ. राधाकृष्णन कमेटी की सिफारिशों को शिक्षा मंत्रालय ने लागू करने का दावा किया है।
- 03प्रश्न पत्र तैयार करने में 100 से अधिक शिक्षक शामिल होते हैं।
- 04प्रश्न पत्र की छपाई के दौरान मोबाइल और कैमरा ले जाने की अनुमति नहीं होती।
- 05प्रश्न पत्र को स्टील बाक्स में सील पैक कर बैंकों के स्ट्रांग रूम में रखा जाता है।
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NEET-UG परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक होने की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा की जा रही है। NTA ने इस लीक के पीछे के कारणों की जांच के लिए परीक्षा की सभी प्रक्रियाओं को बारीकी से देखना शुरू किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रश्न पत्र तैयार करने से लेकर उसे परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने की प्रक्रिया में इतनी सख्ती है कि लीक होना कठिन है। डॉ. राधाकृष्णन कमेटी ने इस प्रक्रिया को और सख्त बनाने की सिफारिश की थी, जिसे शिक्षा मंत्रालय ने लागू करने का दावा किया है। प्रश्न पत्र तैयार करने में 100 से अधिक शिक्षक शामिल होते हैं, जो अपनी विशेषज्ञता के आधार पर प्रश्न तैयार करते हैं। छपाई के दौरान सुरक्षा उपायों का पालन किया जाता है, जैसे कि मोबाइल और कैमरा ले जाने की मनाही। प्रश्न पत्र को सुरक्षित तरीके से स्टील बाक्स में सील कर बैंकों के स्ट्रांग रूम में रखा जाता है।
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NEET-UG परीक्षा के पेपर लीक से छात्रों की परीक्षा में निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है।
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