दिल्ली में मानसून से पहले मेंटेनेंस वैन की रिपोर्टिंग में सख्ती, इंजीनियरों पर होगी कार्रवाई
दिल्ली में मानसून तक मेंटेनेंस वैन को देनी होगी डेली रिपोर्ट, PWD ने की सख्ती; लापरवाही पर नपेंगे इंजीनियर

Image: Jagran
दिल्ली में लोक निर्माण विभाग ने मानसून से पहले मेंटेनेंस वैन के संचालन में सख्ती बरतने का निर्णय लिया है। वैन संचालकों को प्रतिदिन की गतिविधियों की रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा गया है, और लापरवाही पर इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह कदम सड़कों पर जलभराव की समस्या को कम करने के लिए उठाया गया है।
- 01पीडब्ल्यूडी ने 200 मेंटेनेंस वैन के संचालकों को दैनिक रिपोर्टिंग के निर्देश दिए हैं।
- 02हर वैन पर चार कर्मी तैनात होते हैं, जो सड़कों के गड्ढों को भरने और बेल माउथ की सफाई का काम करेंगे।
- 03सड़क पर जलभराव की समस्या को देखते हुए बेल माउथ की साप्ताहिक सफाई सुनिश्चित की जाएगी।
- 04यदि कोई गड्ढा नहीं है, तो वैन संचालकों को शून्य रिपोर्ट हर शुक्रवार शाम 5 बजे तक जमा करनी होगी।
- 05लापरवाही मिलने पर कनिष्ठ और सहायक अभियंताओं पर कार्रवाई की जाएगी।
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दिल्ली में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने मानसून से पहले सड़क रखरखाव में सुधार लाने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। विभाग ने 200 मेंटेनेंस वैन के संचालकों को निर्देश दिया है कि वे प्रतिदिन अपनी गतिविधियों की रिपोर्ट तैयार करें। ये वैन सड़क के गड्ढों को भरने, बेल माउथ की सफाई, टाइलिंग और पेंटिंग कार्यों के लिए जिम्मेदार हैं। प्रत्येक वैन पर चार कर्मी तैनात होते हैं, और प्रमुख वैन कर्मियों द्वारा दी गई रिपोर्ट पर संबंधित अभियंता हस्ताक्षर करेंगे। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारी मौके पर निरीक्षण करेंगे। यदि लापरवाही पाई गई, तो अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि मानसून के दौरान जलभराव की समस्या को कम किया जा सके, जो हर साल दिल्ली में गंभीर हो जाती है। विभाग के पास 1440 किलोमीटर सड़कें हैं, जिनका रखरखाव महत्वपूर्ण है।
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इस कदम से दिल्ली के नागरिकों को मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी, जिससे यातायात और सार्वजनिक सेवाओं पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
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