तमिलनाडु में एआईएडीएमके के भीतर सुलह की संभावनाएं बढ़ीं
तमिलनाडु की राजनीति में नरमी के संकेत, AIADMK में सुलह की अटकलें तेज
Image: Globalherald
तमिलनाडु की मुख्य विपक्षी पार्टी एआईएडीएमके (AIADMK) में आंतरिक कलह का समाधान होता दिख रहा है। मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के कैबिनेट विस्तार के बाद, पार्टी के भीतर असंतोष के गुटों के बीच बातचीत शुरू हो गई है, जिससे एकजुटता की उम्मीद जगी है।
- 01मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने वीसीके और आईयूएमएल के विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई, जिससे मंत्रियों की संख्या 35 हो गई है।
- 02एआईएडीएमके महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) और बागी गुट के बीच अनौपचारिक बातचीत शुरू हो चुकी है।
- 03बागी नेताओं ने चुनाव आयोग में दी गई अपनी शिकायत वापस लेने की शर्त रखी है।
- 04असंतुष्ट गुट ने पार्टी से निकाले गए अधिकारियों को बहाल करने की मांग की है।
- 05एस.पी. वेलुमणि ने पार्टी में बिखराव की खबरों का खंडन करते हुए ईपीएस से चर्चा की अपील की।
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तमिलनाडु की मुख्य विपक्षी पार्टी एआईएडीएमके (AIADMK) के भीतर चल रही आपसी कलह अब कम होती दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने हाल ही में अपने कैबिनेट का विस्तार किया, जिसमें वीसीके (VCK) और आईयूएमएल (IUML) के विधायकों को शामिल किया गया। इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद, एआईएडीएमके के असंतुष्ट गुटों ने एकजुटता की कोशिशें तेज कर दी हैं। सूत्रों के अनुसार, पार्टी के भीतर वरिष्ठ नेताओं की मध्यस्थता से अनौपचारिक बातचीत चल रही है। एआईएडीएमके महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) के नेतृत्व वाले धड़े और बागी गुट के बीच मतभेदों को सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। बागी गुट ने चुनाव आयोग में दी गई अपनी शिकायत वापस लेने की शर्त रखी है, जबकि असंतुष्ट नेताओं ने पार्टी से निकाले गए अधिकारियों की बहाली की मांग की है। एस.पी. वेलुमणि ने भी पार्टी में बिखराव की खबरों का खंडन करते हुए ईपीएस से चर्चा की अपील की। राजनीतिक विश्लेषकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह अनौपचारिक बातचीत एआईएडीएमके को फिर से एकजुट कर पाएगी।
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यदि एआईएडीएमके में सुलह होती है, तो यह पार्टी के भीतर एकजुटता और चुनावी रणनीति को मजबूत कर सकती है।
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