बिलासपुर में उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग
बिलासपुर : लगातार सनातन पर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले उदय निधि स्टालिन के खिलाफ फिर दर्ज करने की मांग

Image: Sbharatnews
बिलासपुर, छत्तीसगढ़ में सामाजिक कार्यकर्ताओं ने तमिलनाडु के विधायक उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है। उनका आरोप है कि स्टालिन ने सनातन धर्म के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की हैं, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और सामाजिक वैमनस्य फैलने का खतरा है।
- 01सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बिलासपुर के पुलिस अधीक्षक को एक आवेदन सौंपा, जिसमें उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
- 02स्टालिन ने सनातन धर्म की तुलना 'डेंगू, मलेरिया और कोरोना' जैसी बीमारियों से की थी।
- 03उनके विवादास्पद बयानों ने देशभर में हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।
- 04आवेदन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की गई है।
- 05कार्यकर्ताओं ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित कानूनी कदम उठाने का आग्रह किया है।
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बिलासपुर, छत्तीसगढ़ में विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के स्वयंसेवकों ने तमिलनाडु के विधायक उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ पुलिस में FIR दर्ज कराने की मांग की है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि स्टालिन ने सनातन धर्म के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की हैं, जिससे करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि स्टालिन ने 2023 में एक सार्वजनिक मंच पर सनातन धर्म की तुलना 'डेंगू, मलेरिया और कोरोना' जैसी बीमारियों से की थी। इसके बाद, हाल ही में तमिलनाडु विधानसभा में भी उन्होंने इसी तरह के बयान दिए। कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए आवेदन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की है, जिसमें धार्मिक समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने और जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के प्रावधान शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर किसी धर्म का अपमान नहीं किया जाना चाहिए।
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If legal action is taken, it could set a precedent for how religious sentiments are protected under Indian law, influencing future public discourse.
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