दिल्ली से बारात लेकर जा रही बस की खराबी पर उपभोक्ता आयोग ने ट्रांसपोर्ट कंपनी पर लगाया 64 हजार रुपये का जुर्माना
दिल्ली से बारात लेकर जा रही बस रास्ते में खराब, उपभोक्ता आयोग ने कंपनी पर लगाया 64 हजार का जुर्माना
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Image: Jagran
दिल्ली से उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जा रही बारात की बस खराब हो गई, जिससे विवाह में देरी हुई। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने ट्रांसपोर्ट सेवा प्रदाता को 64,000 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है, जिसमें मानसिक पीड़ा के लिए 50,000 रुपये शामिल हैं।
- 01ट्रांसपोर्ट सेवा प्रदाता को 64,000 रुपये का मुआवजा देने का आदेश
- 02बस की खराबी के कारण विवाह में हुई देरी
- 03आयोग ने मानसिक पीड़ा और असुविधा के लिए अतिरिक्त मुआवजा दिया
- 04शिकायतकर्ता को आधी रात में वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी
- 05उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत मुआवजा केवल आर्थिक नुकसान तक सीमित नहीं है
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जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने दिल्ली से उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जा रही बारात की बस के खराब होने के मामले में ट्रांसपोर्ट सेवा प्रदाता पर 64,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। आयोग ने कहा कि विवाह जैसे अवसर समयबद्ध होते हैं और किसी भी प्रकार की देरी से मानसिक पीड़ा और सामाजिक असहजता होती है। शिकायतकर्ता ने 25 अक्टूबर 2022 को बस बुक कराई थी, जो 8 दिसंबर 2022 को बारात ले जाने वाली थी। बस को दोपहर ढाई बजे पहुंचना था, लेकिन यह दो घंटे की देरी से पहुंची और बाद में रास्ते में खराब हो गई। शिकायतकर्ता को रात के समय वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी, जिससे उन्हें भारी तनाव का सामना करना पड़ा। आयोग ने ट्रांसपोर्ट कंपनी को मानसिक उत्पीड़न और असुविधा के लिए 50,000 रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया।
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इस निर्णय से उपभोक्ताओं को यह संदेश मिलता है कि वे अपनी शिकायतों के लिए कानूनी उपाय कर सकते हैं और उन्हें उचित मुआवजा मिल सकता है।
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