सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी कर्मचारी की बर्खास्तगी पर सुनवाई की अनुमति दी
सरकारी कर्मी के उच्च योग्यता छिपाने पर बर्खास्तगी की संभावना परखेगा सुप्रीम कोर्ट, जांच के बाद होगा फैसला
Jagran
Image: Jagran
सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना हाई कोर्ट के उस फैसले की समीक्षा करने का निर्णय लिया है, जिसमें एक सरकारी कर्मचारी की बर्खास्तगी को सही ठहराया गया था। कर्मचारी ने 'दसवीं पास' मानदंड से अधिक 'इंटरमीडिएट पास' होने की जानकारी छिपाई थी। कोर्ट ने कहा कि उच्च योग्यता अयोग्यता का आधार नहीं हो सकती।
- 01सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना हाई कोर्ट के फैसले की जांच करने का निर्णय लिया है।
- 02कर्मचारी ने 'दसवीं पास' मानदंड से अधिक योग्यता छिपाई थी।
- 03हाई कोर्ट ने बर्खास्तगी को सही ठहराया था, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने इसे गलत बताया।
- 04केंद्र सरकार ने 2013 में कर्मचारी की सेवाएं समाप्त की थीं।
- 05सुप्रीम कोर्ट ने ड्रग्स बेचने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटने की आवश्यकता पर बल दिया।
Advertisement
In-Article Ad
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को तेलंगाना हाई कोर्ट के उस निर्णय की समीक्षा करने का निर्णय लिया, जिसमें एक सरकारी कर्मचारी की बर्खास्तगी को सही ठहराया गया था। कर्मचारी ने 'दसवीं पास' मानदंड से अधिक 'इंटरमीडिएट पास' होने की जानकारी छिपाई थी, जो कि 'कार्य सहायक' की नौकरी के लिए आवश्यक थी। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और अन्य न्यायाधीशों ने कहा कि उच्च योग्यता अयोग्यता का आधार नहीं हो सकती। हाई कोर्ट ने कर्मचारी की बर्खास्तगी को सही ठहराते हुए कहा कि उसने जानबूझकर जानकारी छिपाई थी। इस मामले में केंद्र सरकार ने 2013 में कर्मचारी की सेवाएं समाप्त की थीं। बाद में केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण ने बर्खास्तगी के आदेश को रद कर दिया था। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने ड्रग्स बेचने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
Advertisement
In-Article Ad
इस मामले का निर्णय सरकारी कर्मचारियों की भर्ती और बर्खास्तगी के मानदंडों पर प्रभाव डाल सकता है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि उच्च योग्यता छिपाने पर बर्खास्तगी का निर्णय सही है?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।



-1780423025621.webp&w=1200&q=75)
