सुशासन तिहार से दिव्यांगों को मिली आत्मनिर्भरता की नई दिशा
सुशासन तिहार से आत्मनिर्भरता की नई राह हुई आसान

Image: Globalherald
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में आयोजित 'सुशासन तिहार' के तहत एक विशेष समाधान शिविर में दिव्यांग महिला सतरूपा ठेठवार को इलेक्ट्रिक ट्राइसाइकिल प्रदान की गई, जिससे उनकी आत्मनिर्भरता में सुधार हुआ है। इस पहल से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा प्रभाव देखने को मिल रहा है।
- 01सुशासन तिहार के तहत विशेष समाधान शिविर का आयोजन दुर्ग जिले में किया गया।
- 02सतरूपा ठेठवार को इलेक्ट्रिक ट्राइसाइकिल प्रदान की गई, जिससे उनकी स्वतंत्रता में वृद्धि हुई।
- 03सतरूपा ने वर्षों से दूसरों पर निर्भरता का सामना किया था, जो अब समाप्त हो गया है।
- 04इस सहायता को सतरूपा ने प्रशासन और मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
- 05यह पहल आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में आयोजित 'सुशासन तिहार' के तहत एक विशेष समाधान शिविर में दिव्यांग महिला सतरूपा ठेठवार को इलेक्ट्रिक ट्राइसाइकिल प्रदान की गई। यह पहल सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है, जो आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक साबित हो रही है। सतरूपा ने बताया कि पहले उन्हें अपने दैनिक कार्यों के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इलेक्ट्रिक ट्राइसाइकिल मिलने के बाद, उन्होंने अपनी स्वतंत्रता का अनुभव किया और अब वे बिना किसी सहायता के अपने कार्य कर सकती हैं। इस सहायता को सतरूपा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। यह कदम केवल एक वाहन प्रदान करने का नहीं, बल्कि दिव्यांग नागरिकों को सम्मानजनक और स्वतंत्र जीवन जीने का अवसर देने का है।
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इस पहल से दिव्यांग नागरिकों को आत्मनिर्भरता और स्वतंत्रता का अनुभव हो रहा है।
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