यूपी में गंगा किनारे स्वच्छता और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने की योजना
यूपी में गंगा किनारे बसे शहरों में स्वच्छता के साथ खुलेंगे रोजगार के अवसर, पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
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Image: Jagran
उत्तर प्रदेश सरकार गंगा किनारे बसे शहरों को स्वच्छ और पर्यटन के लिए आकर्षक बनाने की योजना बना रही है। इसमें सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जाएंगे, जिससे गंगा के जल प्रदूषण में कमी आएगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
- 01गंगा किनारे बसे शहरों के लिए स्वच्छता और पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना शुरू की गई है।
- 02सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित किए जाएंगे ताकि गंदे पानी को रोका जा सके।
- 03कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज और अन्य शहरों को इस योजना में शामिल किया गया है।
- 04इससे स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
- 05‘अर्थ गंगा’ की अवधारणा के अनुसार, यह पहल नदी संरक्षण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी।
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उत्तर प्रदेश सरकार ने गंगा किनारे बसे शहरों को स्वच्छ, सुंदर और पर्यटन के लिए आकर्षक बनाने की योजना पर काम शुरू करने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत, गंगा में गिरने वाले गंदे पानी को रोकने के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित किए जाएंगे। उपचारित जल का उपयोग पार्कों की सिंचाई और अन्य सार्वजनिक कार्यों में किया जाएगा। इस पहल के तहत कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, फर्रुखाबाद, मीरजापुर, गाजीपुर, बलिया, बिजनौर, कन्नौज और अन्य शहर शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य गंगा तटों पर साफ-सफाई, हरित क्षेत्र और सार्वजनिक सुविधाएं विकसित करना है, जिससे धार्मिक एवं पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी, स्थानीय व्यापार को गति मिलेगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इस योजना के माध्यम से ठोस और तरल कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन पर जोर दिया जाएगा, जिससे गंगा के जल प्रदूषण में कमी आने की उम्मीद है।
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इस योजना से गंगा किनारे बसे शहरों में स्वच्छता बढ़ेगी और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
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