कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुंटिया संगठन में नेतृत्व का विवाद गहराया
Kurukshetra News: कुंटिया में दो-दो प्रधान... किसके हाथ में है संगठन की कमान

Image: Amar Ujala
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के गैर शिक्षक कर्मचारी संघ कुंटिया में नेतृत्व को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। राजवंत कौर और नीलकंठ शर्मा दोनों खुद को प्रधान घोषित कर रहे हैं। यह स्थिति संगठन के कार्यों पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही है, जिससे कर्मचारियों में असमंजस की स्थिति है।
- 01कुंटिया में दो प्रधानों के बीच विवाद है: राजवंत कौर (2025 में निर्वाचित) और नीलकंठ शर्मा (नवीनतम बैठक में घोषित)।
- 02राजवंत कौर ने संगठन को कमजोर करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लिया है।
- 03नीलकंठ शर्मा ने आरोप लगाया कि चुनाव को टालने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों में रोष है।
- 04तीन पदाधिकारियों के इस्तीफे को कार्यकारिणी ने स्वीकार किया।
- 05कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए राजवंत कौर ने चुनाव कराने की मांग की है।
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कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के गैर शिक्षक कर्मचारी संघ (कुंटिया) में नेतृत्व को लेकर विवाद बढ़ गया है। एक ओर राजवंत कौर, जो 2025 में निर्वाचित प्रधान हैं, दूसरी ओर नीलकंठ शर्मा, जिन्हें हाल ही में नया प्रधान घोषित किया गया है। दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर अड़े हुए हैं, जिससे संगठन की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है। कर्मचारियों को यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें किसके पास जाना है। राजवंत कौर ने कहा कि कुछ कर्मचारियों ने असंवैधानिक तरीके से खुद को पदाधिकारी घोषित किया है और उन्होंने संगठन को कमजोर करने की साजिश का आरोप लगाया। वहीं, नीलकंठ शर्मा ने कहा कि राजवंत कौर की कार्रवाई का अधिकार उनके पास नहीं है और यह चुनाव को टालने का प्रयास है। बैठक में तीन पदाधिकारियों के इस्तीफे को स्वीकार कर लिया गया है। दोनों पक्षों के बीच यह विवाद संगठन की स्थिति को और जटिल बना रहा है।
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कर्मचारियों को नेतृत्व के बारे में स्पष्टता नहीं है, जिससे उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है।
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