झारखंड में शराब घोटाले की जांच में ईडी की बड़ी कार्रवाई की तैयारी
छत्तीसगढ़ के बाद अब झारखंड में शराब घोटाले पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी, ED के निशाने पर कई अफसर; ब्लैकलिस्टेड कंपनियों का 'काला सच'

Image: Jagran
झारखंड में शराब घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कई अधिकारियों और कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की योजना बनाई है। छत्तीसगढ़ में चल रहे घोटाले के आरोपितों के झारखंड में भी कनेक्शन पाए गए हैं, जिससे ईडी ने दो अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं।
- 01ईडी ने झारखंड में शराब घोटाले से जुड़े दो अलग-अलग इंफोर्समेंट केस इंफॉर्मेशन रिपोर्ट (ईसीआइआर) दर्ज किए हैं।
- 02पूर्व प्रधान सचिव विनय कुमार चौबे पर आरोप है कि उन्होंने कमीशन लेकर छत्तीसगढ़ के शराब कारोबारियों को झारखंड में प्रवेश कराया।
- 03झारखंड सरकार का छत्तीसगढ़ की कंपनियों पर 450 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है, जिसकी वसूली के प्रयास जारी हैं।
- 04ईडी ने विनय कुमार चौबे और अन्य आरोपितों के ठिकानों पर छापेमारी की है और उनसे पूछताछ की है।
- 05कई कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया गया है, जिन पर करोड़ों की हेराफेरी का आरोप है।
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झारखंड में शराब घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले से जुड़े आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की योजना बनाई है। ईडी ने दो अलग-अलग इंफोर्समेंट केस इंफॉर्मेशन रिपोर्ट (ईसीआइआर) दर्ज की हैं, जो पूर्व प्रधान सचिव विनय कुमार चौबे के कार्यकाल से संबंधित हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने कमीशन लेकर छत्तीसगढ़ के शराब कारोबारियों को झारखंड में शराब बिक्री में प्रवेश कराया। झारखंड सरकार का छत्तीसगढ़ की कंपनियों पर 450 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है, जिसकी वसूली के लिए प्रयास जारी हैं। ईडी ने कई अधिकारियों के ठिकानों पर छापेमारी की है और उनसे पूछताछ की है। इसके अलावा, कुछ कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया गया है, जिन पर करोड़ों की हेराफेरी का आरोप है। झारखंड की ईडी अब पुख्ता सबूत जुटाकर विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है।
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झारखंड में शराब घोटाले की जांच से स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों और शराब कारोबारियों पर दबाव बढ़ेगा।
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