आगरा में पुलिस की लापरवाही से खनन के चार आरोपी बरी
Agra: पुलिस की लापरवाही पड़ी भारी, तमंचे की जांच नहीं हुई, खनन के चार आरोपी हुए बरी
Amar Ujala
Image: Amar Ujala
आगरा, उत्तर प्रदेश में पुलिस की लापरवाही के कारण चार खनन आरोपियों को बरी कर दिया गया। पुलिस ने बरामद तमंचे की जांच नहीं कराई और न ही फायरिंग की पुष्टि के लिए खोखा कारतूस अदालत में पेश किए। इस मामले में कोई स्वतंत्र गवाह भी नहीं था।
- 01पुलिस की लापरवाही से चार खनन आरोपियों को बरी किया गया।
- 02तमंचे की जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला में नहीं भेजा गया।
- 03कोई स्वतंत्र गवाह घटना के संबंध में नहीं था।
- 049 सितंबर 2020 को हुई घटना में पुलिस पर फायरिंग का आरोप था।
- 05अभियोजन पक्ष ने थानाध्यक्ष सहित छह गवाह पेश किए।
Advertisement
In-Article Ad
आगरा, उत्तर प्रदेश में एक अदालत ने चार खनन आरोपियों को बरी कर दिया है, जिसका कारण पुलिस की गंभीर लापरवाही रही। पुलिस ने घटना के बाद बरामद तमंचे की जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला नहीं भेजी और न ही फायरिंग की पुष्टि के लिए खोखा कारतूस अदालत में पेश किए। इसके अलावा, पुलिस के पास घटना के संबंध में कोई स्वतंत्र गवाह भी नहीं था। थाना जगनेर में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, 9 सितंबर 2020 को पुलिस टीम ने अवैध चंबल सैंड लेकर आ रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोका था। आरोपियों ने पुलिस पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की थी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की। इस घटना में एक खनन माफिया घायल हुआ था। दो आरोपी गिरफ्तार किए गए थे, जबकि दो अन्य भाग गए थे। विवेचक ने आरोपियों के खिलाफ हत्या का प्रयास और अन्य धाराओं के तहत आरोपपत्र दाखिल किया था।
Advertisement
In-Article Ad
इस मामले से यह स्पष्ट होता है कि पुलिस की लापरवाही से न्याय प्रणाली पर असर पड़ता है, जिससे अपराधियों को सजा नहीं मिलती।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि पुलिस को अपनी जांच प्रक्रियाओं में सुधार करना चाहिए?
Connecting to poll...
More about उत्तर प्रदेश पुलिस
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।







