75 वर्षीय शिक्षिका के साथ 84 लाख रुपये की ठगी, साइबर अपराधियों ने किया डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर शिकार
UP: 'फोन मत काटना' रिटायर्ड शिक्षिका पांच दिन तक घर में रहीं कैद, कमरे से भी बाहर न निकलीं; 84 लाख की हुई ठगी
Amar Ujala
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उत्तर प्रदेश के दयालबाग में 75 वर्षीय शिक्षिका रूपा बल को साइबर ठगों ने 84 लाख रुपये की ठगी का शिकार बनाया। ठगों ने उन्हें यह विश्वास दिलाया कि वे पुलिस और सीबीआई के अधिकारी हैं और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में शामिल होने का डर दिखाकर पैसे जमा कराए।
- 0175 वर्षीय शिक्षिका ने साइबर ठगों के द्वारा 84 लाख रुपये खोए।
- 02ठगों ने खुद को पुलिस और सीबीआई अधिकारी बताकर डराया।
- 03पीड़िता को घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई थी।
- 04पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट जैसी किसी प्रक्रिया को खारिज किया।
- 05साइबर अपराधियों का लक्ष्य अक्सर 60 साल से ऊपर के लोग होते हैं।
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उत्तर प्रदेश के दयालबाग की 75 वर्षीय शिक्षिका रूपा बल ने पुलिस को बताया कि उन्हें 14 अप्रैल को अनजान नंबरों से व्हाट्सएप पर कॉल आए। ठगों ने खुद को मुंबई पुलिस और सीबीआई के अधिकारी बताकर उन्हें डराया कि वे मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में शामिल हैं। उन्होंने रूपा बल को कहा कि यदि वह सही जानकारी नहीं देंगी, तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस डर के कारण, शिक्षिका ने 15 से 18 अप्रैल के बीच अलग-अलग खातों में 84 लाख रुपये जमा कराए। पुलिस ने बताया कि डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई प्रक्रिया नहीं होती और ऐसे मामलों में तुरंत 1930 पर शिकायत करनी चाहिए। साइबर अपराधी आमतौर पर 60 साल से ऊपर के लोगों को निशाना बनाते हैं, खासकर सेवानिवृत्त कर्मचारियों को।
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इस घटना से स्थानीय समुदाय में साइबर अपराध के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और लोग सतर्क रहेंगे।
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