अल्मोड़ा में वन्यजीव हमले के बाद ग्रामीणों का आक्रोश, हमलावर को मारने की मिली अनुमति
Almora: वन्यजीव के हमले के बाद आक्रोश, हमलावर को मारने की अनुमति; ग्रामीणों के विरोध के बाद माने अधिकारी
Amar Ujala
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अल्मोड़ा जिले के तड़म गांव में वन्यजीव के हमले से एक ग्रामीण की मौत के बाद भारी आक्रोश फैल गया। प्रशासन ने हमलावर बाघ या तेंदुए को मारने की अनुमति दी है, और ग्रामीणों की मांगों पर सहमति बनी है, जिसमें मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग शामिल है।
- 01ग्रामीण महिपाल सिंह मेहरा की वन्यजीव हमले में मौत हुई।
- 02गुस्साए ग्रामीणों ने हमलावर बाघ को मारने की मांग की।
- 03प्रशासन ने हमलावर को मारने की अनुमति दी और मुआवजे का आश्वासन दिया।
- 04ग्रामीणों ने सफारी जोन बंद करने की भी मांग की।
- 05डीएफओ दीपक सिंह ने घटनास्थल का जायजा लिया और वार्ता में शामिल हुए।
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अल्मोड़ा जिले के सल्ट विकासखंड के तड़म गांव में बीते रविवार को वन्यजीव के हमले से महिपाल सिंह मेहरा की मौत हो गई, जिससे क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने हमलावर बाघ या तेंदुए को मारने की मांग की, जिसके बाद प्रशासन ने इसे स्वीकार कर लिया। इसके लिए कॉर्बेट से विशेषज्ञ शूटरों की टीम तैनात की गई है और क्षेत्र में निगरानी के लिए चार पिंजरे लगाए गए हैं। ग्रामीणों ने मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। प्रशासन ने उनकी मांगों पर सहमति जताते हुए मृतक के परिवार को नियमानुसार मुआवजा देने और अन्य सुविधाएं प्रदान करने का आश्वासन दिया। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों ने सफारी जोन के कारण जंगली जानवरों के गांवों की ओर बढ़ने का आरोप लगाते हुए इसे बंद करने की मांग की, जिस पर अनिश्चितकाल के लिए रोक लगाने पर सहमति बनी।
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इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों से ग्रामीणों को राहत मिलेगी और वन्यजीवों के हमलों को रोकने में मदद मिलेगी।
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