अंकित त्रिवेदी की हत्या: पुलिस की लापरवाही और परिवार का दर्द
Ward Boy Murder: 13 दिन तक सोती रही पुलिस, दोस्तों ने ही कर दी अंकित की हत्या, मासूम बेटी बुला रही ‘डैडी-डैडी’
Amar Ujala
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अंकित त्रिवेदी की हत्या के मामले में पुलिस ने 13 दिन तक कोई कार्रवाई नहीं की। 29 अप्रैल को उसकी कार लावारिस हालत में मिली, जिसके बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मुख्य आरोपी सत्यम अभी भी फरार है। अंकित की चार वर्षीय बेटी उसकी याद में 'डैडी-डैडी' पुकार रही है।
- 01अंकित त्रिवेदी की हत्या के मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आई।
- 02परिवार ने 17 अप्रैल को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
- 0329 अप्रैल को अंकित की कार सुलतानपुर घोष में मिली।
- 04तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, लेकिन मुख्य आरोपी फरार है।
- 05अंकित की चार वर्षीय बेटी उसकी अनुपस्थिति में दुखी है।
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अंकित त्रिवेदी की हत्या के मामले में पुलिस की लापरवाही ने परिवार को गहरे दुख में डाल दिया है। अंकित की कार 29 अप्रैल को सुलतानपुर घोष थानाक्षेत्र के शाहपट्टी में लावारिस हालत में मिली, जबकि उसके परिजनों ने 17 अप्रैल को चकेरी थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने 13 दिन तक कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद तीन आरोपियों शादाब, रेहान और अलतमस को गिरफ्तार किया गया, जबकि मुख्य आरोपी सत्यम फरार है। अंकित की मां अर्चना और पत्नी दीक्षा उसकी याद में गमगीन हैं, वहीं उनकी चार वर्षीय बेटी त्रिशिका 'डैडी-डैडी' कहकर अपने पिता को पुकार रही है। अंकित और दीक्षा का विवाह 25 नवंबर 2020 को हुआ था और उनकी बेटी का जन्म 18 नवंबर 2021 को हुआ।
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इस मामले ने स्थानीय समुदाय में सुरक्षा और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
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