यूपी में शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई, 2.65 करोड़ रुपये का अर्थदंड
यूपी में शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों की खैर नहीं, सिर्फ वीकेंड पर हुई 2.65 करोड़ रुपये की वसूली
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उत्तर प्रदेश में शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ यातायात पुलिस ने 'आपरेशन मीट एंड ग्रीट' अभियान चलाया। इस दौरान 69,683 वाहनों की जांच की गई और 2,654 चालकों पर 2.65 करोड़ रुपये का अर्थदंड लगाया गया। यह अभियान नागरिकों को जागरूक करने के लिए शुरू किया गया है।
- 01यूपी में शराब पीकर गाड़ी चलाने के मामलों में वृद्धि हुई है।
- 02यातायात पुलिस ने 'आपरेशन मीट एंड ग्रीट' अभियान शुरू किया है।
- 0369,683 वाहनों की जांच के दौरान 2,654 चालकों पर अर्थदंड लगाया गया।
- 04शराब पीकर गाड़ी चलाना दंडनीय अपराध है, जिसके लिए मोटर वाहन अधिनियम 1988 लागू है।
- 05पहली बार पकड़े जाने पर 10,000 रुपये का अर्थदंड या छह माह की कारावास की सजा हो सकती है।
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उत्तर प्रदेश में शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ यातायात पुलिस ने एक विशेष अभियान 'आपरेशन मीट एंड ग्रीट' शुरू किया है। इस अभियान के तहत 9 और 10 मई को राज्य के 135 टोल प्लाजा पर जांच की गई, जिसमें 69,683 वाहनों की जांच की गई। इस दौरान 2,654 चालकों पर 2.65 करोड़ रुपये से अधिक का अर्थदंड लगाया गया। एडीजी यातायात एवं सड़क सुरक्षा ए सतीश गणेश ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य नागरिकों को शराब पीकर वाहन न चलाने के प्रति जागरूक करना है। यातायात पुलिस ने यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष जांच टीमें नियुक्त की हैं, जो टोल प्लाजा पर वाहनों की जांच करेंगी। मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 185 के अंतर्गत शराब पीकर वाहन चलाना दंडनीय अपराध है, जिसमें पहली बार पकड़े जाने पर 10,000 रुपये का अर्थदंड या छह माह की कारावास की सजा हो सकती है।
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इस अभियान से सड़क सुरक्षा में सुधार होगा और शराब पीकर गाड़ी चलाने के मामलों में कमी आएगी।
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