हाईकोर्ट ने मेजर की पेंशन पर केंद्र सरकार पर लगाया जुर्माना
Highcourt: मेजर की पेंशन पर टालमटोल पड़ी भारी, हाईकोर्ट ने रक्षा सचिव-थल सेना प्रमुख पर लगाया जुर्माना
Amar Ujala
Image: Amar Ujala
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने रिटायर्ड मेजर राजदीप दिनकर पांडरे को दिव्यांगता पेंशन से वंचित रखने पर रक्षा सचिव और थल सेना प्रमुख पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया। अदालत ने निर्देश दिया कि यह राशि उनके वेतन से काटकर याचिका दाता को दी जाए।
- 01हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार पर सख्त रुख अपनाया।
- 02रक्षा सचिव और थल सेना प्रमुख पर दो लाख रुपये का जुर्माना।
- 03रिटायर्ड मेजर को 2012 में कमीशंड अधिकारी बनाया गया था।
- 04मेजर को 24 सर्जरी के बाद दिव्यांगता पेंशन से वंचित किया गया।
- 05अदालत ने आदेशों के पालन के लिए अंतिम अवसर दिया।
Advertisement
In-Article Ad
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने रिटायर्ड मेजर राजदीप दिनकर पांडरे को दिव्यांगता पेंशन से वंचित रखने के मामले में केंद्र सरकार पर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने रक्षा सचिव और थल सेना प्रमुख पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया है, जिसे उनके वेतन से काटकर याचिका दाता को दिया जाएगा। मेजर पांडरे ने 2012 में सेना में कमीशंड अधिकारी के रूप में सेवा शुरू की थी, लेकिन 2017 में गंभीर बीमारी के कारण उन्हें 24 सर्जरी करानी पड़ी। रिलीज मेडिकल बोर्ड ने उनकी 15 प्रतिशत दिव्यांगता को सेवा से असंबद्ध मानते हुए पेंशन से वंचित कर दिया। इसके बाद उन्होंने सशस्त्र बल अधिकरण का रुख किया, जिसने दिव्यांगता को सेवा से संबंधित मानते हुए 40 प्रतिशत आंका और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार इसे 50 प्रतिशत तक राउंड ऑफ कर आजीवन पेंशन देने का आदेश दिया। केंद्र सरकार की चुनौती को हाईकोर्ट ने जुलाई 2025 में खारिज कर दिया, लेकिन आदेश लागू न होने पर याचिका दाता को अवमानना याचिका दाखिल करनी पड़ी। अदालत ने कहा कि न्यायिक आदेश बाध्यकारी होते हैं और उनकी अनदेखी स्वीकार नहीं की जा सकती।
Advertisement
In-Article Ad
इस निर्णय से रिटायर्ड सैनिकों को उनके अधिकारों की रक्षा में मदद मिलेगी और भविष्य में न्यायिक आदेशों के पालन की आवश्यकता को बल मिलेगा।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि रिटायर्ड सैनिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए और कदम उठाने की आवश्यकता है?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




