जम्मू में खाद्य तेल की मांग में गिरावट, ई-स्कूटर की बिक्री में बढ़ोतरी
PM मोदी की 'तेल बचाओ' अपील का दिख रहा असर, जम्मू में खाद्य तेल की मांग 10% गिरी, ई-स्कूटर की डिमांड ने पकड़ी रफ्तार

Image: Jagran
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'तेल बचाओ' अपील का जम्मू में सकारात्मक असर देखने को मिला है। खाद्य तेल की मांग में 8-10% की गिरावट आई है, जबकि इलेक्ट्रिक स्कूटरों की मांग में 10% की वृद्धि हुई है। रिफाइंड तेल की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है, जो 155 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है।
- 01जम्मू में खाद्य तेल की मांग 450 टन रह गई है, जबकि पहले यह 500 टन थी।
- 02पिछले एक साल में जम्मू-कश्मीर में औसतन 10,000 दो पहिया वाहनों की बिक्री होती है, जिसमें ईवी की हिस्सेदारी बढ़ी है।
- 03पिछले दस दिनों में 3,000 से अधिक ई-स्कूटरों की बिक्री हुई है।
- 04रिफाइंड तेल की कीमत में 10-15 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई है।
- 05सरसों तेल की कीमतें 180-190 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ गई हैं।
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जम्मू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'तेल बचाओ' अपील का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। पिछले दस दिनों में खाद्य तेल की मांग 8-10% तक गिर गई है, जिससे यह 450 टन रह गई है। रिफाइंड तेल की मांग में सबसे अधिक कमी आई है, जबकि सरसों के तेल में मामूली गिरावट देखी गई है। दूसरी ओर, इलेक्ट्रिक स्कूटरों की मांग में 10% की वृद्धि हुई है, जिससे पिछले दस दिनों में 3,000 से अधिक ई-स्कूटर बेचे गए हैं। हालांकि, रिफाइंड तेल की कीमतें बढ़कर 155 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई हैं। जम्मू-कश्मीर में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में वृद्धि के बावजूद, चार्जिंग सुविधाओं की कमी एक बड़ी बाधा बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित किया जाए, तो ईवी की बिक्री में और भी वृद्धि हो सकती है।
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खाद्य तेल की मांग में कमी और ई-स्कूटर की बिक्री में वृद्धि से स्थानीय बाजार में बदलाव आ रहा है।
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