सुप्रीम कोर्ट ने बच्चों के काम करने पर रोक लगाने की याचिका पर केंद्र को भेजा नोटिस
ऑर्केस्ट्रा, स्पा, डांस बार में बच्चों के काम करने पर रोक संबंधी याचिका, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को भेजा नोटिस
Image: Nbt Navbharattimes
सुप्रीम कोर्ट ने ऑर्केस्ट्रा, डांस बार, मसाज पार्लर और स्पा में बच्चों के काम पर रोक लगाने के लिए दायर जनहित याचिका पर केंद्र और संबंधित आयोगों को नोटिस जारी किया है। याचिका में 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के शोषण और तस्करी के मामलों का उल्लेख किया गया है।
- 01सुप्रीम कोर्ट ने बाल अधिकार समूह 'जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन अलायंस' की याचिका पर केंद्र को नोटिस भेजा।
- 02याचिका में 10 और 11 वर्ष की लड़कियों के ऑर्केस्ट्रा और डांस बार में काम करने का मामला उठाया गया है।
- 03बिहार और पश्चिम बंगाल में 212 नाबालिगों को ऑर्केस्ट्रा और नृत्य मंडलियों से बचाया गया।
- 04याचिका में कहा गया कि मसाज पार्लर और स्पा में किशोरों के काम करने पर केवल विनियमन है, प्रतिबंध नहीं।
- 05कई पीड़ितों को झूठे वादों के साथ गरीब समुदायों से बहलाकर लाया गया और उन्हें शोषण का शिकार बनाया गया।
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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को ऑर्केस्ट्रा, डांस बार, मसाज पार्लर और स्पा में बच्चों और किशोरों के काम पर रोक लगाने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर केंद्र सरकार, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) को नोटिस जारी किया। याचिका में आरोप लगाया गया है कि 10 और 11 वर्ष की नाबालिग लड़कियों को इन स्थानों पर काम पर रखा जा रहा है, जिससे उनका शोषण हो रहा है। याचिका में कहा गया कि बाल और किशोर श्रम (निषेध और विनियमन) अधिनियम, 1986 की धारा चार के तहत केंद्र को निर्देश देने की मांग की गई है ताकि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को इन क्षेत्रों में काम पर रखने पर रोक लग सके। इसके अलावा, 2025 से 2026 के बीच बिहार और पश्चिम बंगाल में 212 नाबालिगों को बचाने का उल्लेख किया गया है। याचिका में यह भी कहा गया कि कई बच्चों को झूठे वादों के जरिए बहलाकर लाया गया और उन्हें शोषण का शिकार बनाया गया।
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इस याचिका के परिणामस्वरूप बच्चों के काम करने पर रोक लग सकती है, जिससे उनके शोषण में कमी आएगी।
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