चंद्रयान-2 ने चांद के दक्षिणी ध्रुव में बर्फ की मौजूदगी का किया खुलासा
भारत की सबसे बड़ी कामयाबी! Chandrayaan-2 ने चांद के सबसे अंधेरे कोने में ढूंढ निकाली 'बर्फ की चादर'

Image: Zee News
भारत के चंद्रयान-2 मिशन ने चांद के दक्षिणी ध्रुव में पानी की बर्फ के संकेत खोजे हैं। यह खोज भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों में संसाधनों के उपयोग की संभावना बढ़ती है।
- 01चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर ने चांद के दक्षिणी ध्रुव पर बर्फ के संकेत खोजे हैं।
- 02यह खोज Dual Frequency Synthetic Aperture Radar (DFSAR) की मदद से की गई।
- 03Permanently Shadowed Regions में तापमान माइनस 248 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचता है।
- 04Faustini क्रेटर में रडार संकेत मिले जो बर्फ की मौजूदगी की ओर इशारा करते हैं।
- 05चांद पर बर्फ की मौजूदगी से भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों के लिए संसाधनों का उपयोग संभव हो सकता है।
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भारत के चंद्रयान-2 मिशन ने चांद के दक्षिणी ध्रुव में पानी की बर्फ के संकेत खोजे हैं, जो भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के लिए एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक उपलब्धि है। इस खोज को Dual Frequency Synthetic Aperture Radar (DFSAR) के माध्यम से किया गया, जिसने चांद की सतह और उसके नीचे की परतों का अध्ययन किया। वैज्ञानिकों ने Permanently Shadowed Regions का अध्ययन किया, जहां तापमान माइनस 248 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचता है। इस क्षेत्र में Faustini क्रेटर में मिले रडार संकेत बर्फ की मौजूदगी की संभावना को मजबूत करते हैं। चांद पर पानी की बर्फ की खोज भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे पीने का पानी, ऑक्सीजन और रॉकेट फ्यूल तैयार किया जा सकता है। यह ISRU (In-Situ Resource Utilisation) रणनीति का एक अहम हिस्सा है। चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर अभी भी कार्यरत है और वैज्ञानिक डेटा भेज रहा है, जो चांद के रहस्यों को समझने में मदद कर रहा है।
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चांद पर पानी की बर्फ की मौजूदगी भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों के लिए संसाधनों के उपयोग को संभव बनाती है।
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