लाओस में 1200 साल पुराना मटका खोजा गया, मानव अवशेष मिले
भारत से 3000 किलोमीटर दूर गड़ी मिली 1200 साल पुरानी चीज, अंदर जो मिला उसने पुरातत्वविदों के भी होश उड़ा दिए!
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लाओस में पुरातत्वविदों ने 1200 साल पुराना एक विशाल पत्थर का मटका खोजा है, जिसे 'डेथ जार 1' नाम दिया गया है। इस मटके में मानव अवशेष सुरक्षित पाए गए हैं, जो प्राचीन अंतिम संस्कार की प्रक्रियाओं के बारे में नई जानकारी प्रदान करते हैं।
- 01इस मटके के भीतर मानव अवशेषों का सुरक्षित रहना इतिहास में पहली बार हुआ है।
- 02जार के अंदर केवल खोपड़ियों और हाथ-पैर की हड्डियों के कुछ हिस्से मिले हैं।
- 03रेडियोकार्बन डेटिंग से पता चला कि अवशेष 890 से 1160 ईस्वी के बीच के हैं।
- 04जार का निर्माण लाओस के जियांग खौआंग पठार पर हुआ है, जिसे 'प्लेन ऑफ जार्स' कहा जाता है।
- 05वैज्ञानिक अब इन हड्डियों की प्राचीन डीएनए जांच करने की योजना बना रहे हैं।
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लाओस में पुरातत्वविदों ने एक विशाल पत्थर का मटका खोजा है, जिसे 'डेथ जार 1' नाम दिया गया है। यह मटका लगभग 1200 साल पुराना है और इसके भीतर सुरक्षित मानव अवशेष पाए गए हैं, जो प्राचीन अंतिम संस्कार की प्रक्रिया से जुड़े हैं। यह पहली बार है जब किसी ऐसे जार में स्पष्ट मानव अवशेष मिले हैं। जार के भीतर केवल खोपड़ियों और हाथ-पैर की हड्डियों के कुछ हिस्से मिले हैं, जिन्हें विशेष तरीके से रखा गया था। इसके अलावा, जार में कई रंगों के कांच के मोती भी मिले हैं, जिनमें से अधिकांश भारत में बने हुए हैं। रेडियोकार्बन डेटिंग से पता चला है कि ये अवशेष 890 से 1160 ईस्वी के बीच के हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह किसी एक व्यक्ति की कब्र नहीं थी, बल्कि एक बड़े परिवार या समुदाय के कई पीढ़ियों के शवों के अवशेषों को रखने का स्थान था। यह खोज उत्तरी लाओस के जियांग खौआंग पठार पर हुई है, जहां 2000 से अधिक खाली जार पाए गए हैं। वैज्ञानिक अब इन अवशेषों का डीएनए परीक्षण करने की योजना बना रहे हैं, जिससे इन लोगों के आपसी रिश्तों का पता चल सकेगा।
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इस खोज से लाओस की प्राचीन सभ्यता और उनकी अंतिम संस्कार की प्रथाओं के बारे में नई जानकारी मिल सकती है।
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