दहेज प्रथा: भारत में बढ़ते मामले और कानूनी प्रावधान
'दहेज लेना पाप है': 8 बड़े केस और आंकड़ों में जानिए दहेज प्रथा की सच्चाई, Dowry Act में अब तक हुए ये बदलाव
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भारत में दहेज प्रथा एक गंभीर सामाजिक समस्या बनी हुई है, जिसमें महिलाओं के खिलाफ दहेज उत्पीड़न के कई मामले सामने आ रहे हैं। 2024 में दहेज से 5,737 मौतें दर्ज की गईं, जिनमें उत्तर प्रदेश और बिहार सबसे प्रभावित राज्य हैं। दहेज कानून में सख्त सजा का प्रावधान है, लेकिन यह प्रथा अब भी समाज में गहरी जड़ें जमाए हुए है।
- 012024 में भारत में दहेज से 5,737 मौतें हुईं, जिसमें उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 2,038 मामले दर्ज किए गए।
- 02दहेज प्रताड़ना के कारण महिलाओं के खिलाफ अत्याचार बढ़ते जा रहे हैं, जिससे आत्महत्या और हत्या के मामले सामने आ रहे हैं।
- 03भारतीय न्याय संहिता की धारा 80 के तहत, दहेज के कारण हुई मृत्यु के मामले में आरोपियों को कम से कम 7 साल की सजा हो सकती है।
- 04विश्व बैंक के अध्ययन के अनुसार, 95% शादियों में दहेज का लेन-देन होता है, जो इस प्रथा की गहरी जड़ों को दर्शाता है।
- 05दहेज प्रथा के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के बावजूद, सामाजिक दबाव और पारिवारिक अपेक्षाएं इसे जारी रखे हुए हैं।
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भारत में दहेज प्रथा एक गंभीर सामाजिक समस्या है, जो आज भी महिलाओं के लिए कई प्रकार के उत्पीड़न का कारण बन रही है। हाल ही में सामने आए कई मामलों, जैसे कि भोपाल की ट्विशा शर्मा और नोएडा की दीपिका नागर की संदिग्ध मौतें, ने इस मुद्दे को फिर से चर्चा में ला दिया है। 2024 में दहेज से संबंधित कुल 5,737 मौतें दर्ज की गईं, जिसमें उत्तर प्रदेश में 2,038 और बिहार में 1,078 मामले शामिल हैं। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि दहेज प्रथा का प्रभाव कितना व्यापक है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अनुसार, दहेज के कारण हुई मृत्यु के मामलों में आरोपियों को कम से कम 7 साल की सजा हो सकती है। इसके बावजूद, दहेज देने और लेने की प्रथा आज भी कई परिवारों में एक सामान्य बात मानी जाती है। विश्व बैंक के एक अध्ययन में पाया गया कि 95% शादियों में दहेज का लेन-देन होता है, जो इस प्रथा की गहरी जड़ों को दर्शाता है। दहेज के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के बावजूद, सामाजिक दबाव और पारिवारिक अपेक्षाएं इसे जारी रखे हुए हैं।
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This ongoing issue affects women's safety and societal norms, leading to increased awareness and calls for legal reforms.
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