OPEC के कमजोर होने से भारत को मिलेगा ऊर्जा में लाभ: विशेषज्ञ
OPEC का कमजोर होने भारत के लिए अच्छा, एक्सपर्ट ने बताया कैसे

Image: Aaj Tak
OPEC संगठन में तनाव और कुछ देशों के अलग होने से भारत को ऊर्जा आयात में लाभ मिल सकता है। विशेषज्ञ नरेंद्र तनेजा के अनुसार, कमजोर OPEC भारत के लिए फायदेमंद है, जिससे वह विभिन्न देशों के साथ ऊर्जा संबंध मजबूत कर सकता है। इससे भारत की ऊर्जा आपूर्ति संकट के समय भी स्थिर रह सकती है।
- 01यूएई जैसे देशों ने OPEC से अलग होकर अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने का निर्णय लिया है।
- 02भारत ने यूएई के साथ तेल और गैस पर बड़ी डील की है।
- 03OPEC का कमजोर होना भारत के लिए जियो-पॉलिटिकल दृष्टि से फायदेमंद है।
- 04पेट्रोल और डीजल की कीमतें 7 से 9 रुपये तक बढ़ सकती हैं, लेकिन यह धीरे-धीरे होगा।
- 0515 मई 2026 को पीएम मोदी ने यूएई का दौरा कर ऐतिहासिक ऊर्जा डील की थी।
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हाल के समय में OPEC (ऑर्गनाइजेशन ऑफ द पेट्रोलियम एक्सपोर्टिंग कंट्रीज़) में तनाव बढ़ा है, खासकर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे देशों के अलग होने के कारण। भारत ने इस अवसर का लाभ उठाते हुए UAE के साथ ऊर्जा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण डील की है। ऊर्जा विशेषज्ञ नरेंद्र तनेजा के अनुसार, OPEC का कमजोर होना भारत के लिए सकारात्मक है। इससे भारत को विभिन्न देशों के साथ ऊर्जा संबंध मजबूत करने का अवसर मिलेगा, जिससे उसकी ऊर्जा आपूर्ति संकट के समय भी स्थिर रह सकती है। तनेजा ने बताया कि OPEC देशों द्वारा तेल की कीमतों को नियंत्रित करने की कोशिशों के कारण, भारत जैसे ऊर्जा आयातकों के लिए यह स्थिति फायदेमंद है। इसके अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य में संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि हुई है, जिससे भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी बढ़ने की संभावना है। तनेजा का अनुमान है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें 7 से 9 रुपये तक बढ़ सकती हैं, लेकिन यह धीरे-धीरे होगा।
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भारत की ऊर्जा आपूर्ति में स्थिरता आ सकती है, जिससे आम जनता को ऊर्जा की उपलब्धता में सुधार होगा।
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