अप्रैल में जीएसटी ई-वे बिलों में 12% की वृद्धि, आर्थिक संकेतक मजबूत
GST E-Way Bill: अप्रैल में ई-वे बिलों की संख्या में 12% का उछाल, आर्थिक मजबूती का मिला बड़ा संकेत
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अप्रैल 2025 में माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत 1,333.7 लाख ई-वे बिल बने, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में 12 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि घरेलू खपत की मजबूती और आर्थिक गतिविधियों के संकेतक के रूप में देखी जा रही है, हालांकि मार्च के मुकाबले इसमें 5.1 प्रतिशत की गिरावट आई है।
- 01अप्रैल में 1,333.7 लाख ई-वे बिल बने, जो 12% अधिक हैं।
- 02मार्च में ई-वे बिलों का सृजन 1,406 लाख था, जो अब तक का उच्चतम आंकड़ा है।
- 03ई-वे बिलों की संख्या आर्थिक गतिविधियों का अच्छा मापक है।
- 04वित्तीय वर्ष 2026-27 में निजी उपभोग में 7.6% की वृद्धि का अनुमान।
- 05जीएसटी की नई दरों के लागू होने के बाद अप्रैल चौथा उच्चतम मासिक ई-वे बिल जनरेशन है।
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अप्रैल 2025 में माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत 1,333.7 लाख ई-वे बिल बने, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12 प्रतिशत अधिक है। यह आंकड़ा जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) द्वारा जारी किया गया है और यह आर्थिक गतिविधियों की मजबूती का संकेत देता है। हालांकि, मार्च के मुकाबले अप्रैल में ई-वे बिलों का सृजन 5.1 प्रतिशत कम हुआ है, जबकि मार्च में यह आंकड़ा 1,406 लाख था, जो अब तक का उच्चतम मासिक आंकड़ा है। विशेषज्ञों के अनुसार, ई-वे बिलों की संख्या घरेलू खपत के मजबूत बने रहने का संकेत देती है। रस्तोगी चैंबर्स के संस्थापक अभिषेक ए. रस्तोगी ने कहा कि यह वृद्धि माल की आवाजाही और उपभोग की मांग में सुधार को दर्शाती है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निजी अंतिम उपभोग व्यय में 7.6 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है, जो इस बात का संकेत है कि उपभोक्ता खर्च अर्थव्यवस्था के लिए एक प्रमुख चालक बने रहेंगे।
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ई-वे बिलों की संख्या में वृद्धि से माल की आवाजाही और उपभोक्ता मांग में सुधार का संकेत मिलता है, जो व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों के लिए आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दे सकता है।
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