बंगाल चुनाव में कांग्रेस की स्थिति कमजोर, अन्य दलों का तृणमूल के प्रति समर्थन
बंगाल में अकेली पड़ी कांग्रेस: ममता के साथ खड़े हुए सोरेन और तेजस्वी; आज केजरीवाल करेंगे प्रचार
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बंगाल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। आईएनडीआईए ब्लॉक के अन्य दल तृणमूल कांग्रेस के समर्थन में सक्रिय हैं, जबकि कांग्रेस को अकेले चुनाव लड़ने की चुनौती है। 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की स्थिति और भी कमजोर हो गई है।
- 01कांग्रेस को 2021 के विधानसभा चुनाव में एक भी सीट नहीं मिली थी।
- 02तृणमूल कांग्रेस के समर्थन में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और तेजस्वी यादव प्रचार कर रहे हैं।
- 03कांग्रेस ने वाममोर्चा से किनारा कर लिया है और अकेले चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है।
- 04कांग्रेस के केंद्रीय नेताओं की चुनाव प्रचार में कमी देखी जा रही है।
- 05भाजपा के नेता लगातार चुनाव प्रचार में सक्रिय हैं, जबकि कांग्रेस की उपस्थिति सीमित है।
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बंगाल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। 2021 के चुनाव में एक भी सीट न जीतने के बाद, कांग्रेस ने इस बार वाममोर्चा से किनारा करते हुए अकेले चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। हालाँकि, आईएनडीआईए ब्लॉक के अन्य दल जैसे झारखंड मुक्ति मोर्चा और राष्ट्रीय जनता दल तृणमूल कांग्रेस के समर्थन में सक्रिय हैं। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और तेजस्वी यादव ने तृणमूल के लिए प्रचार किया है, जिससे कांग्रेस की स्थिति और कमजोर हो गई है। कांग्रेस के केंद्रीय नेताओं की चुनाव प्रचार में कमी भी देखी जा रही है, जबकि भाजपा के नेता लगातार प्रचार में जुटे हुए हैं। इस चुनाव में कांग्रेस के लिए अपनी खोई हुई स्थिति को पुनः प्राप्त करना एक बड़ी चुनौती बन गई है।
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यदि कांग्रेस अपनी स्थिति को सुधारने में असफल रहती है, तो यह राज्य में विपक्षी राजनीति को प्रभावित कर सकता है।
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