बागेश्वर बाबा की शिवाजी महाराज पर टिप्पणी से महाराष्ट्र में विवाद, विपक्ष ने प्रतिबंध की मांग की
शिवाजी महाराज पर बागेश्वर बाबा की टिप्पणी से मचा बवाल, विपक्ष ने महाराष्ट्र में धीरेंद्र शास्त्री पर प्रतिबंध की मांग की
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बागेश्वर बाबा के नाम से प्रसिद्ध धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने छत्रपति शिवाजी महाराज पर विवादास्पद टिप्पणी की, जिसके बाद विपक्ष ने महाराष्ट्र में उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस पर ऐतिहासिक प्रमाणों की कमी का हवाला दिया।
- 01धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने शिवाजी महाराज के बारे में विवादास्पद टिप्पणी की।
- 02विपक्ष ने महाराष्ट्र में शास्त्री पर प्रतिबंध की मांग की।
- 03मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बयान को ऐतिहासिक रूप से निराधार बताया।
- 04कांग्रेस और शिवसेना ने सरकार पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया।
- 05बागेश्वर बाबा का संदेश संघ के सदस्यों की संख्या बढ़ाने का था।
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बागेश्वर बाबा के नाम से प्रसिद्ध धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में विवादास्पद बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज युद्धों से थककर समर्थ रामदास स्वामी के पास गए थे और उनसे राज्य का प्रशासन संभालने का अनुरोध किया था। इस बयान के बाद विपक्ष ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अन्य नेताओं की उपस्थिति में इसे गंभीरता से लिया और शास्त्री पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि शिवाजी महाराज स्वराज के लिए संघर्ष कर रहे थे और यह बयान ऐतिहासिक रूप से गलत है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसी बातों का कोई दस्तावेजी प्रमाण नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों की आस्था के विभिन्न तरीके हो सकते हैं, लेकिन ऐतिहासिक तथ्यों पर भरोसा करना आवश्यक है। बागेश्वर बाबा का मुख्य संदेश था कि हर घर में एक व्यक्ति राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का सदस्य होना चाहिए।
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इस विवाद का असर महाराष्ट्र की राजनीति पर पड़ सकता है, खासकर सत्तारूढ़ महायुति सरकार की छवि पर।
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