बदायूं में बिजली संकट: ग्रामीणों की जिंदगी अंधेरे में, प्रशासन की लापरवाही पर उठे सवाल
Badaun: उजाले को तरस रहे कई गांव, पांच मौतों के बाद भी नहीं लौटी बिजली, प्यास और बेबसी से जूझ रहे ग्रामीण
Image: Nbt Navbharattimes
बदायूं जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले सप्ताह आई तेज आंधी और बारिश के बाद बिजली व्यवस्था ठप हो गई है, जिससे पेयजल संकट भी गहरा गया है। पांच लोगों की मौत के बावजूद, ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग भेदभाव कर रहा है और उनकी समस्याओं का समाधान नहीं कर रहा है।
- 01बदायूं जिले के बिसौली क्षेत्र में बिजली न होने से ग्रामीणों की जिंदगी संकट में है।
- 02आंधी-तूफान के कारण बिजली की लाइनें टूट गईं और ट्रांसफार्मर गिर गए।
- 03ग्रामीणों का कहना है कि ऊंची पहुंच वाले लोगों के क्षेत्रों में बिजली जल्दी बहाल कर दी गई।
- 04बिजली न होने से पेयजल संकट गहरा गया है, जिससे लोग और पशु दोनों परेशान हैं।
- 05ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि बिजली व्यवस्था जल्द बहाल नहीं हुई, तो वे धरना-प्रदर्शन करेंगे।
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बदायूं जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले सप्ताह आए तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस प्राकृतिक आपदा में पांच लोगों की मौत हो गई और अब भी कई गांवों में बिजली की व्यवस्था बहाल नहीं हो पाई है। बिसौली क्षेत्र में हालात सबसे खराब हैं, जहां बिजली की लाइनें टूट गईं और ट्रांसफार्मर गिर गए। बिजली न होने से पेयजल संकट गहरा गया है, जिससे ग्रामीणों को पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग भेदभाव कर रहा है; ऊंचे वर्ग के लोगों के क्षेत्रों में बिजली जल्दी बहाल कर दी गई, जबकि आम ग्रामीण अब भी अंधेरे में हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो वे सड़कों पर उतरकर धरना-प्रदर्शन करेंगे। इस संकट के बीच, प्रशासन की लापरवाही ने ग्रामीणों की जिंदगी को और कठिन बना दिया है।
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बिजली संकट के कारण ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी दैनिक जिंदगी और स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।
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