किसानों पर भीषण गर्मी का कहर: फसलों की बर्बादी और सिंचाई की चुनौतियाँ
भीषण गर्मी में किसानों पर नई आफत: फसलों पर लू का कहर, सूख रहे पत्ते और सड़ रहे फल; सिंचाई भी नहीं आ रही काम

Image: Amar Ujala
भारत के कई जिलों में भीषण गर्मी ने किसानों की फसलों को गंभीर नुकसान पहुँचाया है, जहाँ खरबूजा, तरबूज और ककड़ी जैसी फसलें सूख रही हैं। किसान सिंचाई के प्रयासों के बावजूद फलों में सड़न और बेलों के झुलसने की समस्या का सामना कर रहे हैं। जिला कृषि अधिकारी ने किसानों को सलाह दी है कि वे तैयार फसलों को जल्द बेचें।
- 01जिले में लगभग 40 हजार हेक्टेयर में जायद की फसलें उगाई जाती हैं, जिनमें खरबूजा और तरबूज शामिल हैं।
- 02किसान तेजपाल ने 5 एकड़ में खरबूजा की फसल की है, जिसमें 80 फीसदी फल पक चुके हैं।
- 03गर्मी के कारण सिंचाई के बावजूद फलों में सड़न हो रही है।
- 04किसान राहुल सिंह ने 3 एकड़ में तरबूजा, ककड़ी और खीरा की फसल की है, जो सूखने की कगार पर हैं।
- 05जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार ने किसानों को रात में सिंचाई करने की सलाह दी है।
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भारत के कई जिलों में भीषण गर्मी ने किसानों की फसलों को गंभीर नुकसान पहुँचाया है। इस समय लगभग 40 हजार हेक्टेयर में जायद की फसलें उगाई जा रही हैं, जिनमें खरबूजा, तरबूज, ककड़ी और खीरा शामिल हैं। मई का महीना फसलों के लिए महत्वपूर्ण होता है, लेकिन अत्यधिक तापमान ने फसलों को प्रभावित किया है। किसानों का कहना है कि गर्मी के कारण फलों की बेलें सूख रही हैं, जिससे छोटे आकार के फल पक रहे हैं। किसान तेजपाल ने बताया कि उन्होंने 5 एकड़ में खरबूजा की फसल की है, जिसमें 80 फीसदी फल पक चुके हैं, लेकिन गर्मी के कारण पत्ते झुलस गए हैं। इसी तरह, किसान राहुल सिंह ने 3 एकड़ में तरबूजा, ककड़ी और खीरा की फसल की है, जो सूखने की कगार पर हैं। जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार ने किसानों को सलाह दी है कि वे तैयार फसलों को जल्द मंडी भेजें और रात के समय सिंचाई करें, ताकि फसलों को बचाने में मदद मिल सके।
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किसानों को अपनी फसलों की बिक्री में तेजी लाने की आवश्यकता है, ताकि वे नुकसान से बच सकें और आर्थिक स्थिति को सुधार सकें।
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