भारत के मानसून पर अल नीनो का प्रभाव: जानें कैसे 17,000 किमी दूर का 'बच्चा' बढ़ा रहा है चिंता
ये मानसून आता कहां से है? 17 हजार किमी दूर 'छोटे बच्चे' से पूरे भारत की टेंशन क्यों बढ़ी है
Zee News
Image: Zee News
भारत में मानसून की शुरुआत दक्षिण-पश्चिमी हवाओं से होती है, जो गर्मियों में समुद्र से आती हैं। इस वर्ष, अल नीनो की स्थिति के कारण मानसूनी बारिश में कमी की संभावना है। अल नीनो, जो दक्षिण अमेरिका के तट पर गर्म पानी के जमा होने से उत्पन्न होता है, भारत के मानसून के पैटर्न को प्रभावित कर सकता है, जिससे सूखे की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
- 01मानसून का अर्थ है 'मौसम', जो अरबी शब्द मौसिम से निकला है।
- 02दूसरा मानसून, जिसे उत्तर-पूर्वी मानसून या लौटता मानसून कहा जाता है, अक्टूबर में आता है।
- 03अल नीनो, जिसका अर्थ है 'छोटा बच्चा', भारत में मानसून की वर्षा को प्रभावित कर सकता है।
- 041950 से अब तक 16 अल नीनो वर्ष हुए हैं, जिनमें से 7 में मानसून की वर्षा सामान्य से कम रही।
- 05अल नीनो के प्रभाव से भारत में नम हवाओं का प्रवाह बाधित होता है, जिससे बारिश कम हो सकती है।
Advertisement
In-Article Ad
भारत में मानसून, जिसे सामान्यतः 'मौसम' कहा जाता है, की शुरुआत दक्षिण-पश्चिमी हवाओं से होती है। यह गर्मियों में समुद्र से आती हैं और जब ये हवाएं पर्वत श्रृंखलाओं से टकराती हैं, तो भारी वर्षा का कारण बनती हैं। इस वर्ष, मौसम विभाग ने अल नीनो की स्थिति के कारण मानसूनी बारिश में कमी की संभावना जताई है। अल नीनो, जिसका अर्थ 'छोटा बच्चा' है, एक प्राकृतिक घटना है जो प्रशांत महासागर में होती है। यह स्थिति तब उत्पन्न होती है जब ट्रेड विंड्स कमजोर हो जाती हैं और गर्म पानी दक्षिण अमेरिका की ओर बहने लगता है। इससे भारत में मानसून की वर्षा प्रभावित होती है। 1950 से अब तक 16 अल नीनो वर्ष हुए हैं, जिनमें से 7 में भारतीय मानसून की वर्षा सामान्य से कम रही। मानसून केवल वर्षा का मौसम नहीं है, बल्कि यह भारतीय अर्थव्यवस्था और कृषि के लिए जीवन रेखा की तरह है।
Advertisement
In-Article Ad
अल नीनो के कारण मानसून में कमी से कृषि उत्पादन प्रभावित हो सकता है, जिससे खाद्य कीमतों में वृद्धि हो सकती है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि अल नीनो का प्रभाव भारतीय कृषि पर गंभीर होगा?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।



