हिमाचल प्रदेश में नर्सिंग संस्थान की छात्राओं में टीबी का मामला, सरकार की अनदेखी पर सवाल
हिमाचल: नर्सिंग संस्थान खनेरी के बुरे हाल, 2 छात्राओं को टीबी, 17 को दी एहतियातन दवा; कहां सो रही सरकार?
Amar Ujala
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हिमाचल प्रदेश के खनेरी में सरकारी नर्सिंग संस्थान की दो छात्राएं टीबी से ग्रसित हैं, जबकि 17 अन्य को एहतियातन दवा दी गई है। अभिभावकों ने संस्थान की अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन किया और प्रधानाचार्य को हटाने की मांग की है।
- 01खनेरी नर्सिंग संस्थान में दो छात्राएं टीबी से प्रभावित हैं।
- 0217 अन्य छात्राओं को एहतियातन दवा दी गई है।
- 03अभिभावकों ने संस्थान की अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन किया।
- 04छात्राओं को पौष्टिक भोजन नहीं मिलने और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है।
- 05जांच के लिए एक समिति गठित की गई है।
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हिमाचल प्रदेश के महात्मा गांधी चिकित्सा परिसर खनेरी में स्थित सरकारी नर्सिंग प्रशिक्षण संस्थान की दो छात्राएं टीबी की चपेट में आ गई हैं। इन छात्राओं के संपर्क में आने वाली 17 अन्य छात्राओं को बचाव के लिए एहतियातन दवा दी गई है। संस्थान की अनियमितताओं से नाराज अभिभावकों ने शनिवार को चिकित्सा अधीक्षक का घेराव किया और प्रधानाचार्य डॉ. मधु गौतम को हटाने की मांग की। अभिभावकों का कहना है कि पौष्टिक भोजन की कमी और मानसिक दबाव के कारण छात्राएं बीमार हुई हैं। भाजपा नेता कौल सिंह ने बताया कि संस्थान द्वारा प्रशिक्षुओं से भोजन के लिए 3,600 रुपये वसूले जा रहे हैं, लेकिन उन्हें उचित भोजन नहीं मिल रहा। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक जांच समिति बनाई गई है, जो उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट सौंपेगी।
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इस मामले से नर्सिंग संस्थान की छात्राओं और उनके अभिभावकों में चिंता और असंतोष बढ़ गया है।
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