भोपाल AIIMS में रेबीज के मरीज की आत्महत्या, गंभीर सवाल उठे
Bhopal AIIMS: रेबीज के मरीज ने बिल्डिंग से लगाई छलांग, इलाज के दौरान हुई मौत
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भोपाल के एम्स अस्पताल में 24 वर्षीय कमल सिंह ने रेबीज के इलाज के दौरान अस्पताल की पहली मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। यह घटना न केवल उसके परिवार के लिए दुखद है, बल्कि समाज में रेबीज के प्रति लापरवाही के गंभीर सवाल भी खड़े करती है।
- 01कमल सिंह, 24, ने रेबीज के इलाज के दौरान आत्महत्या की।
- 02उसे आवारा कुत्ते के काटने के बाद इलाज में लापरवाही बरती गई।
- 03रेबीज का इंजेक्शन न लगवाने से उसकी स्थिति बिगड़ गई।
- 04कमल को भोपाल के एम्स में भर्ती कराया गया था।
- 05डॉक्टरों का कहना है कि समय पर इलाज से रेबीज को रोका जा सकता है।
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भोपाल के एम्स अस्पताल में एक दुखद घटना में 24 वर्षीय कमल सिंह ने रेबीज के इलाज के दौरान अस्पताल की पहली मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। कमल, जो विदिशा जिले के इकोदिया गांव का निवासी था, को 5 मार्च को एक आवारा कुत्ते ने काट लिया था, लेकिन उसने इसे गंभीरता से नहीं लिया और न ही रेबीज का इंजेक्शन लगवाया। करीब डेढ़ महीने बाद उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे 30 अप्रैल को एम्स में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान, कमल ने स्टाफ की नजर बचाते हुए कूदकर आत्महत्या कर ली। डॉक्टरों का कहना है कि रेबीज का इलाज समय पर किया जाए तो इसे पूरी तरह से रोका जा सकता है, लेकिन देरी जान के लिए खतरा बन सकती है। यह घटना समाज में रेबीज के प्रति लापरवाही के खतरे को उजागर करती है।
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यह घटना रेबीज के प्रति लापरवाही के खतरों को उजागर करती है और लोगों को समय पर चिकित्सा सहायता लेने के महत्व को समझाती है।
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