उत्तर प्रदेश में मातृ मृत्यु दर कम करने के लिए एप विकसित किया जाएगा
यूपी में मातृ मृत्यु दर कम करने में ‘एप’ बनेगा सरकार का मददगार, समय पर मिलेंगी चिकित्सीय सेवाएं
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Image: Jagran
उत्तर प्रदेश की सरकार मातृ मृत्यु दर को कम करने के लिए एक एप विकसित कर रही है, जो गर्भवती महिलाओं को प्रसव से संबंधित चिकित्सीय सेवाएं समय पर मुहैया कराएगा। इस एप के माध्यम से प्रसव की तारीख, अस्पताल और चिकित्सक की जानकारी पहले से दर्ज रहेगी।
- 01सरकार मातृ मृत्यु दर को शून्य करने के लिए एक एप विकसित कर रही है।
- 02एप में गर्भवती महिलाओं के लिए चिकित्सीय सेवाओं का ब्यौरा होगा।
- 03राज्य में मातृ मृत्यु अनुपात 141 है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह 97 है।
- 0460% प्रसव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में होते हैं।
- 05सरकार अधिक से अधिक प्रसव मेडिकल कॉलेजों और जिला चिकित्सालयों में कराने की योजना बना रही है।
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उत्तर प्रदेश की सरकार मातृ मृत्यु दर को कम करने के लिए एक नया एप विकसित कर रही है, जिसका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को प्रसव से संबंधित चिकित्सीय सेवाएं समय पर उपलब्ध कराना है। राज्य परिवर्तन आयोग (स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन) द्वारा विकसित इस एप में गर्भवती महिलाओं के प्रसव की तारीख, अस्पताल और चिकित्सक की जानकारी पहले से दर्ज की जाएगी। वर्तमान में राज्य में मातृ मृत्यु अनुपात 141 है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह 97 है। इसके अलावा, सरकार ने यह निर्णय लिया है कि अधिकतर प्रसव 51 सरकारी और 30 निजी मेडिकल कॉलेजों में कराए जाएंगे, ताकि प्रसव के दौरान किसी भी प्रकार की दिक्कत का तुरंत समाधान किया जा सके। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मातृ मृत्यु के लगभग 50% मामले रक्तस्राव से होते हैं, इसलिए इस एप के माध्यम से बेहतर चिकित्सा सेवाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
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इस एप के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को समय पर चिकित्सीय सेवाएं मिलेंगी, जिससे मातृ मृत्यु दर में कमी आएगी।
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