गर्ग चटर्जी को मिली अंतरिम जमानत, ईवीएम पर उठाए थे सवाल
EVM पर सवाल उठाने वाले 'बांग्ला पक्षो' प्रमुख गर्ग चटर्जी को अंतरिम जमानत, कोर्ट से मिली राहत

Image: Jagran
गर्ग चटर्जी, 'बांग्ला पक्षो' के संस्थापक, कोलकाता की सीजेएम अदालत से 2000 रुपये के बांड पर अंतरिम जमानत प्राप्त की। उन्हें ईवीएम की निष्पक्षता पर सवाल उठाने और भड़काऊ बयानबाजी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उनकी गिरफ्तारी चुनाव आयोग की शिकायत के बाद हुई थी।
- 01गर्ग चटर्जी को 2000 रुपये के बांड पर अंतरिम जमानत मिली है।
- 02उन्होंने ईवीएम की सुरक्षा और निष्पक्षता पर सवाल उठाए थे।
- 03चुनाव आयोग ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
- 04गर्ग की गिरफ्तारी कोलकाता पुलिस की साइबर सेल द्वारा की गई थी।
- 05बांग्ला पक्षो ने चुनाव आयोग पर रैली की अनुमति नहीं देने का आरोप लगाया।
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कोलकाता की सीजेएम अदालत ने 'बांग्ला पक्षो' के संस्थापक गर्ग चटर्जी को शुक्रवार को अंतरिम जमानत दी। उन्हें 2000 रुपये के बांड पर रिहा किया गया। चटर्जी को 10 दिन पहले कोलकाता पुलिस की साइबर सेल ने गिरफ्तार किया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने विधानसभा चुनाव के दौरान इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट किया। उन्होंने पूछा कि रात को सील होने के बाद भी मतगणना के दिन ईवीएम कैसे खराब हो जाती हैं। इसके अलावा, चटर्जी ने मतदाताओं से वीवीपैट को ध्यान से देखने की अपील की थी। उनकी गिरफ्तारी चुनाव आयोग की शिकायत के बाद हुई थी, जिसमें कहा गया था कि उनके बयान आदर्श आचार संहिता और साइबर कानून का उल्लंघन करते हैं। बांग्ला पक्षो ने चुनाव आयोग पर रैली की अनुमति नहीं देने का भी आरोप लगाया है। इस घटना ने चुनावी सरगर्मी के बीच राजनीतिक चर्चाओं को और बढ़ा दिया है।
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गर्ग चटर्जी की गिरफ्तारी और जमानत ने चुनावी माहौल में राजनीतिक चर्चाओं को बढ़ा दिया है।
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