सुप्रीम कोर्ट ने तसलीम अहमद और खालिद सैफ़ी को दी अंतरिम जमानत
Delhi Riots 2024: तसलीम अहमद और खालिद सैफ़ी को बड़ी अदालत से बड़ी राहत

Image: Zee News
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तरी दिल्ली में 2020 में हुए दंगों की साजिश में गिरफ्तार तसलीम अहमद और खालिद सैफ़ी को 6 महीने की अंतरिम जमानत दी है। इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। कोर्ट ने इस मामले में लंबित कानूनी सवाल को बड़ी बेंच के पास भेजा है।
- 01सुप्रीम कोर्ट ने तसलीम अहमद और खालिद सैफ़ी को 6 महीने की अंतरिम जमानत दी है।
- 02दिल्ली हाई कोर्ट ने पहले उनकी जमानत अर्जी को खारिज कर दिया था।
- 03जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पीबी वराले की बेंच ने कानूनी सवाल को बड़ी बेंच के पास भेजा है।
- 04जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने UAPA के तहत जमानत न देने के फैसले पर आपत्ति जताई थी।
- 05सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी में दिल्ली दंगों में शामिल अन्य पांच आरोपियों को जमानत दी थी।
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सुप्रीम कोर्ट ने 22 मई को तसलीम अहमद और खालिद सैफ़ी को उत्तरी दिल्ली में 2020 में हुए दंगों की साजिश के मामले में 6 महीने की अंतरिम जमानत दी। इससे पहले, दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी जमानत अर्जी को खारिज कर दिया था। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पीबी वराले की डिवीज़न बेंच ने यह निर्णय सुनाया और एक कानूनी सवाल को बड़ी बेंच के पास भेजा, जिसमें पूछा गया कि क्या लंबे समय तक जेल में रहना और मुक़दमे में देरी, जमानत देने के कानूनी प्रतिबंधों से अधिक महत्वपूर्ण हो सकता है। इससे पहले, जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने UAPA के तहत जमानत न देने के फैसले पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा था कि ऐसे मामलों में भी जमानत का सिद्धांत लागू होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने इस साल जनवरी में अन्य पांच आरोपियों को जमानत दी थी, जबकि उमर खालिद और शरजील इमाम को उनकी स्थिति के आधार पर जमानत नहीं दी गई थी।
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इस फैसले से उन लोगों को राहत मिलेगी जो लंबे समय से जेल में हैं और जिनके मामलों में देरी हो रही है।
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