समान नागरिक संहिता समिति नागरिकों से सुझाव प्राप्त करने के लिए जिलों में जाएगी
समान नागरिक संहिता उच्च स्तरीय समिति जिलों में जाकर नागरिकों के प्राप्त करेगी सुझाव

Image: Globalherald
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समान नागरिक संहिता के लिए सुझाव एकत्र करने की प्रक्रिया का उद्घाटन किया। समिति अब जिलों में जाकर नागरिकों से सुझाव प्राप्त करेगी, और इसके लिए एक विशेष वेबसाइट भी लॉन्च की गई है। सुझाव देने की अंतिम तिथि 15 जून 2026 है।
- 01समान नागरिक संहिता के लिए सुझाव एकत्र करने के लिए उच्च स्तरीय समिति बनाई गई है।
- 02मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वेबसाइट का विमोचन किया, जो सुझाव प्राप्त करने में मदद करेगी।
- 03सुझाव देने की अंतिम तिथि 15 जून 2026 है।
- 04समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रकाश रचना देसाई कर रही हैं।
- 05समान नागरिक संहिता का उद्देश्य पारिवारिक कानूनों का समग्र अध्ययन करना है।
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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समान नागरिक संहिता के लिए सुझाव एकत्र करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। यह समिति अब विभिन्न जिलों में जाकर नागरिकों से उनके विचार प्राप्त करेगी। इस प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के लिए एक विशेष वेबसाइट भी लॉन्च की गई है, जिसका पता https://ucc.mp.gov.in/ है। इस वेबसाइट के माध्यम से नागरिक अपने सुझाव 22 मई से लेकर 15 जून 2026 तक प्रस्तुत कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने इस पहल को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह स्वतंत्रता के बाद से आवश्यक थी। समिति का उद्देश्य पारिवारिक कानूनों जैसे विवाह, भरण पोषण, और उत्तराधिकार के मुद्दों पर व्यापक अध्ययन करना है। इस अवसर पर समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रकाश रचना देसाई ने भी वर्चुअल संबोधन दिया। डॉ. यादव ने सभी सुझावों का सम्मान करते हुए विचार मंथन की प्रक्रिया की आवश्यकता पर बल दिया।
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यह प्रक्रिया नागरिकों को अपने विचार व्यक्त करने का अवसर प्रदान करती है, जिससे उनके हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।
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