90 साल की सास को पीठ पर ढोकर 9 KM चली बहू, गरीबी ने किया मजबूर, भावुक करने वाली तस्वीर
News 18 Hindi
Image: News 18 Hindi
छत्तीसगढ़ से बिल्कुल हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां 90 साल की बुजुर्ग सास को पीठ पर ढोकर एक बहू पेंशन दिलाने के लिए 9 किलोमीटर दूर पहुंच गई. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो मामला चर्चा में आया. बताया जा रहा है कि परिवार बेहद गरीब है और वहां घर तक गाड़ी नहीं पहुंचती है. पहले भी बहू इस तरह से सास को पीठ पर उठाकर पेंशन दिलाने के लिए ले जा चुकी है. बुजुर्ग बहू सुखमनिया ने रोते हुए अपना दर्द बताया है कि वह जंगलपारा के कुनिया गांव की रहने वाली है और यह बुजुर्ग महिला उसकी सास है. पहले बैंक मित्र घर पर आकर पेंशन देता था, लेकिन बाद में उसने ऐसा करना बंद कर दिया. इसके बाद वह रोने लगी और बताया कि बीच में नाला पड़ता है और वहां तक गाड़ी नहीं पहुंचती है. इसी वजह से उसके पास मजबूरी में सास को ढोकर लाने के अलावा कोई चार नहीं बचा. बहू ने रोते हुए बताया अपना दर्द बहू सुखमनिया ने बताया कि 3 महीने की पेंशन उसकी 1500 रुपए होती है. सास सोनवारी को महतारी वंदन योजना का लाभ भी नहीं मिलता है. उन्हें भीषण गर्मी में पथरीले और ऊबड़-खाबड़ रास्तों से गुजरना पड़ता है. कई स्थानों पर नदी और नालों को पार करना भी उनकी मजबूरी है. बहू ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से बैंक द्वारा फिंगरप्रिंट और भौतिक सत्यापन अनिवार्य किया गया है. इसी कारण वृद्धा को स्वयं बैंक पहुंचना पड़ रहा है. अब इस घटना के सामने आने के बाद बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं. छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री टीएस देव सिंह ने उठाए सवाल छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस देव सिंह ने कहा कि अंबिकापुर में सामने आए मामले को लेकर प्रशासन पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि जो वृद्ध हो गए हैं, दिव्यांग हैं और चल फिर नहीं सकते हैं. उनको सहयोग की आवश्यकता है. आप उनको मासिक पेंशन नहीं दिला पा रहे हैं. इसे बड़ी लापरवाही क्या हो सकती है. उन्होंने कहा कि प्रशासन की तरफ से जल्दबाजी और होड़ मची हुई है कि सब कुछ ऑनलाइन कर दो. जब ऑनलाइन आप कर रहे हो, सुविधा के लिए. लेकिन नागरिकों की असुविधा मत बढ़ाइए. कई ग्रामीण और बुजुर्ग लोग ऑनलाइन प्रक्रिया और दस्तावेजी औपचारिकताओं के कारण परेशान हो रहे हैं. वोटिंग के समय तो कहते हो कि हम घर जाकर ले लेंगे. उन्होंने कहा कि बुजुर्गों के लिए पेंशन, सत्यापन और अन्य जरूरी सेवाएं उनके घर तक पहुंचनी चाहिए.
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




