अमेरिका की शीर्ष अधिकारी नेपाल दौरे पर, चीन की चिंता बढ़ी
नेपाल में क्या करना चाह रहा अमेरिका? अब भेज रहा सबसे बड़ा अधिकारी, चीन भी अलर्ट मोड में आया
Image: Nbt Navbharattimes
अमेरिका की उप विदेश सचिव सराह बी रोजर्स नेपाल का दौरा कर रही हैं, जो चीन के लिए चिंता का विषय बन गया है। नेपाल में तिब्बती शरणार्थियों की संख्या और अमेरिका की बढ़ती गतिविधियों के चलते चीन अलर्ट मोड में है। यह दौरा नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह के लिए महत्वपूर्ण है।
- 01सराह बी रोजर्स, अमेरिका की उप विदेश सचिव, 30 मई को नेपाल दौरे पर आ रही हैं।
- 02चीन को चिंता है कि नेपाल में तिब्बती शरणार्थी अमेरिका के लिए जासूसी कर सकते हैं।
- 03अमेरिका ने माउंट एवरेस्ट पर अपने ड्रोन के परीक्षण के लिए नेपाल से अनुमति मांगी थी, जिसे गृह मंत्रालय ने अस्वीकार कर दिया।
- 04चीन ने नेपाल को स्पष्ट किया है कि वह तिब्बती गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगा।
- 05नेपाल अमेरिका और चीन के बीच भूराजनीतिक संघर्ष का केंद्र बनता जा रहा है।
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नेपाल में अमेरिका की बढ़ती दिलचस्पी के चलते चीन ने अपनी चिंताओं को बढ़ा दिया है। अमेरिका की उप विदेश सचिव सराह बी रोजर्स 30 मई को नेपाल के तीन दिवसीय दौरे पर आ रही हैं, जो बालेन शाह के प्रधानमंत्री बनने के बाद अमेरिका के सबसे बड़े अधिकारी का दौरा है। नेपाल में तिब्बती शरणार्थियों की संख्या और उनके अमेरिका के प्रति संभावित सहयोग के कारण चीन अलर्ट मोड में है। अमेरिका ने माउंट एवरेस्ट पर अपने ड्रोन के परीक्षण की अनुमति मांगी थी, जिसे नेपाल के गृह मंत्रालय ने सुरक्षा कारणों से अस्वीकार कर दिया। इस बीच, चीन ने नेपाल को बताया है कि वह तिब्बती गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगा और बीआरआई प्रोजेक्ट को तेजी से बढ़ावा देने का दबाव बना रहा है। यह स्थिति नेपाल को अमेरिका और चीन के बीच एक महत्वपूर्ण भूराजनीतिक अखाड़ा बना रही है।
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नेपाल की विदेश नीति पर अमेरिका और चीन के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा का असर पड़ रहा है।
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