भोजशाला में श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़, हाईकोर्ट के फैसले के बाद शुरू हुई नियमित पूजा
भोजशाला में सूर्योदय होते ही उमड़ा आस्था का सैलाब, वाग्देवी मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंच रहे श्रद्धालु
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मध्य प्रदेश के धार जिले में भोजशाला में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है, क्योंकि हाईकोर्ट ने इसे मंदिर घोषित किया है। श्रद्धालु वर्षों बाद नियमित पूजा-अर्चना का अवसर पा रहे हैं, जिससे हिंदू समाज में खुशी का माहौल है।
- 01मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 15 मई, 2026 को भोजशाला को मंदिर घोषित किया है।
- 02हिंदू श्रद्धालुओं ने वर्षों बाद नियमित पूजा करने की खुशी व्यक्त की है।
- 03भोजशाला में अब केवल पूजा होगी, नमाज की अनुमति नहीं है।
- 04सरकार ने मुस्लिम समुदाय को वैकल्पिक जमीन देने का सुझाव दिया है।
- 05भोजशाला मुक्ति आंदोलन से जुड़ी महिला सरला ने इस दिन का लंबे समय से इंतजार किया था।
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मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला में श्रद्धालुओं की भीड़ शनिवार सुबह से ही देखने को मिली, जब से मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इसे मंदिर घोषित किया है। 15 मई, 2026 को आए इस ऐतिहासिक फैसले के बाद, हिंदू समाज के लोग वर्षों से नियमित पूजा-अर्चना की प्रतीक्षा कर रहे थे। श्रद्धालुओं के चेहरों पर खुशी और संतोष साफ नजर आया। कई भक्तों ने कहा कि यह दिन उनके लंबे संघर्ष का परिणाम है। प्रमोद सोलंकी जैसे श्रद्धालुओं ने बताया कि अब वे प्रतिदिन यहां पूजा करने आएंगे। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि भोजशाला परिसर में केवल पूजा की अनुमति होगी, जबकि नमाज की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा, सरकार ने मुस्लिम समुदाय को वैकल्पिक जमीन देने का भी सुझाव दिया है। इस फैसले के बाद, भक्तों का उत्साह और आस्था देखने लायक है, और वे इस अवसर का भरपूर लाभ उठा रहे हैं।
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इस फैसले के बाद, श्रद्धालुओं को भोजशाला में नियमित पूजा करने का अवसर मिलेगा, जिससे स्थानीय धार्मिक और सांस्कृतिक जीवन में सक्रियता आएगी।
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