आरबीआई की पूनम गुप्ता: भारत की आर्थिक वृद्धि 7.5% से अधिक रह सकती है
'बिना महंगाई बढ़े 7.5% से अधिक रहेगी इकोनॉमिक ग्रोथ', RBI डिप्टी गवर्नर पूनम गुप्ता ने दिलाया भरोसा
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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की डिप्टी गवर्नर पूनम गुप्ता ने कहा है कि भारत बिना महंगाई बढ़ाए 7.5 प्रतिशत से अधिक आर्थिक वृद्धि दर बनाए रख सकता है। उन्होंने भुगतान संतुलन की मजबूती और मौद्रिक नीति के प्रभाव पर भी भरोसा जताया।
- 01भारत की आर्थिक वृद्धि दर 7.5% से अधिक रह सकती है।
- 02महंगाई दर 4% से नीचे बनी हुई है।
- 03भुगतान संतुलन की संरचना स्थायी है।
- 04मौद्रिक नीति का प्रभाव सकारात्मक है।
- 05सीपीआई बॉस्केट को समय-समय पर अद्यतन करने की आवश्यकता है।
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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की डिप्टी गवर्नर पूनम गुप्ता ने शुक्रवार को कहा कि भारत महंगाई दर बढ़ाए बगैर 7.5 प्रतिशत से अधिक आर्थिक वृद्धि दर बनाए रख सकता है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ तिमाहियों में भारत की वृद्धि दर 7.5 प्रतिशत के आसपास रही है और महंगाई दर 4 प्रतिशत से नीचे बनी हुई है। गुप्ता ने भारत के भुगतान संतुलन की स्थिरता पर भी भरोसा जताया, यह कहते हुए कि रेमिटेंस, शुद्ध सेवा निर्यात, और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) जैसे कारक स्थायी स्तंभ हैं। उन्होंने मौद्रिक नीति के प्रभाव का समर्थन करते हुए कहा कि हालिया प्रवाह कमजोर होने के बावजूद अन्य घटकों की मजबूती से इसकी भरपाई की जा सकती है। गुप्ता ने सीपीआई बॉस्केट के अद्यतन की आवश्यकता पर भी बल दिया, जिससे महंगाई दर की बेहतर समझ हो सके।
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यदि भारत अपनी आर्थिक वृद्धि दर को 7.5% से अधिक बनाए रखता है, तो यह रोजगार और निवेश के अवसरों में वृद्धि कर सकता है।
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