हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने ऊना में अवैध खैर कटान की जांच के लिए एसआईटी गठित की
हिमाचल: ऊना अवैध खैर कटान मामले में एसआईटी गठित कर नए सिरे से जांच के दिए आदेश
Amar Ujala
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने ऊना जिले में अवैध खैर कटान की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित करने का आदेश दिया है। अदालत ने पाया कि इस अवैध गतिविधि में हिमाचल और पंजाब के कई लोग शामिल हैं, जो संगठित अपराध कर रहे हैं।
- 01हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने ऊना में अवैध खैर कटान की जांच के लिए एसआईटी गठित की है।
- 02अदालत ने इस मामले में हिमाचल और पंजाब के लोगों की संलिप्तता का उल्लेख किया है।
- 03अदालत ने ऊना जिले के पुलिस अधीक्षक को प्रतिवादी बनाया है।
- 04वन विभाग से पेड़ों की गिनती और नंबरिंग पर हलफनामा मांगा गया है।
- 05जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करके विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने ऊना जिले में खैर के पेड़ों के अवैध कटान के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित करने का आदेश दिया है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने पाया कि इस अवैध गतिविधि में हिमाचल प्रदेश और पंजाब के कई लोग शामिल हैं, जो सुनियोजित और संगठित तरीके से अंतरराज्यीय अपराध कर रहे हैं। अदालत ने ऊना जिले के पुलिस अधीक्षक को प्रतिवादी बनाया है और वन विभाग से पेड़ों की गिनती और उन पर नंबर डालने में आ रही कठिनाइयों पर हलफनामा मांगा है। अदालत का मानना है कि पेड़ों की नंबरिंग अवैध कटान को रोकने में मददगार होगी। इसके अलावा, जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण के सचिव को निर्देश दिया गया है कि वह जून 2026 में प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करें और जमीनी सच्चाई का पता लगाकर एक नई और विस्तृत रिपोर्ट पेश करें।
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इस आदेश से अवैध कटान पर रोक लगाने और पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी।
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