दिल्ली में प्रदूषण की रियल-टाइम निगरानी के लिए रोड-रडार सिस्टम शुरू
Pollution Hotspots: सड़कों पर रोड-रडार से प्रदूषण हॉटस्पॉट की रियल-टाइम निगरानी शुरू, अब तुरंत होगी कार्रवाई
Amar Ujala
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दिल्ली सरकार ने प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए रोड-रडार सिस्टम की शुरुआत की है, जो शहर की 18,000 किलोमीटर लंबी सड़कों पर रियल-टाइम निगरानी करेगा। यह कार्यक्रम प्रदूषण के स्रोतों की पहचान कर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करेगा, जिससे वायु गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।
- 01दिल्ली में रोड-रडार सिस्टम की शुरुआत की गई है।
- 0218,000 किलोमीटर लंबी सड़क नेटवर्क की रियल-टाइम निगरानी होगी।
- 03प्रदूषण के 11 स्रोतों पर नजर रखी जाएगी।
- 04हर दिन 1000 स्थानों की पहचान का लक्ष्य है।
- 05सरकार ने स्वच्छ हवा मिशन के तहत इस पहल को शुरू किया है।
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दिल्ली सरकार ने प्रदूषण की समस्या को नियंत्रित करने के लिए रोड-रडार सिस्टम का शुभारंभ किया है, जो शहर के 18,000 किलोमीटर लंबी सड़क नेटवर्क पर रियल-टाइम निगरानी करेगा। यह प्रणाली प्रदूषण के स्रोतों जैसे धूल, कचरा जलाना और निर्माण सामग्री की पहचान कर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) के तहत शुरू किए गए इस रोड पॉल्यूशन कंट्रोल प्रोग्राम में प्रत्येक जिले में 13 फील्ड सर्वेयर तैनात किए गए हैं, जो हर कार्यदिवस पर सड़कों का सर्वे करेंगे। सर्वेयर को रोजाना कम से कम 20 किलोमीटर सड़क कवर करनी होगी और 70 जियो-टैगged शिकायतें दर्ज करनी होंगी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रदूषण के 11 स्रोतों की निगरानी करना है, जिसमें कच्ची सड़कें, टूटे फुटपाथ, और खुले में कचरा जलाना शामिल है। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह ने कहा कि यह पहल स्वच्छ हवा मिशन का हिस्सा है, जिसमें वैज्ञानिक तरीके और तेज रिस्पॉन्स सिस्टम शामिल हैं।
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इस पहल से दिल्ली में प्रदूषण के स्रोतों की पहचान और नियंत्रण में तेजी आएगी, जिससे नागरिकों को बेहतर वायु गुणवत्ता का लाभ मिलेगा।
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