बिहार में लंबित दाखिल-खारिज मामलों के निपटारे के लिए 15 दिन का समय
बिहार में दाखिल-खारिज के पेंडिंग मामलों को 15 दिन में निपटाने का निर्देश, जमीन मालिकों को मिलेगी राहत
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बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि 120 दिनों से अधिक समय से लंबित दाखिल-खारिज मामलों का निपटारा अगले 15 दिनों में किया जाए। यह कदम जमीन मालिकों को राहत प्रदान करेगा और प्रक्रिया को तेज करेगा।
- 01बिहार में लंबित दाखिल-खारिज मामलों का निपटारा 15 दिन में करने का निर्देश
- 02अविवादित मामलों के लिए 35 दिन और विवादित मामलों के लिए 75 दिन की समय-सीमा
- 03राज्य के विभिन्न अंचलों में कई मामले 75 से 120 दिनों से लंबित
- 04सभी समाहर्ताओं को प्राथमिकता के आधार पर मामलों का निष्पादन करने का निर्देश
- 05भविष्य में 75 दिनों की समय-सीमा से अधिक लंबित मामलों की अनुमति नहीं
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बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे 120 दिनों से अधिक समय से लंबित दाखिल-खारिज मामलों का निपटारा अगले 15 दिनों में करें। विभाग के सचिव जय सिंह ने समाहर्ताओं को पत्र भेजकर कहा है कि अविवादित मामलों का निपटारा 35 दिन और विवादित मामलों का 75 दिन के भीतर होना चाहिए। इसके बावजूद, राज्य के विभिन्न अंचलों में कई मामले 75 से 120 दिनों से अधिक समय से लंबित हैं। सभी समाहर्ताओं को निर्देश दिया गया है कि वे अपने जिले के अंचलाधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर मामलों का निष्पादन करने के लिए कहें। भविष्य में किसी भी परिस्थिति में दाखिल-खारिज के मामलों को निर्धारित 75 दिनों की समय-सीमा से अधिक लंबित नहीं रखा जाएगा।
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यह निर्णय जमीन मालिकों के लिए राहत प्रदान करेगा और दाखिल-खारिज की प्रक्रिया को तेज करेगा, जिससे उन्हें अपनी भूमि संबंधी मामलों में त्वरित समाधान मिल सकेगा।
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