असम मंत्रिमंडल ने समान नागरिक संहिता को मंजूरी दी, 26 मई को पेश होगा विधेयक
असम मंत्रिमंडल ने UCC लागू करने की मंजूरी दी, 26 मई को विधानसभा में पेश होगा बिल
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असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की मंजूरी दी है। आदिवासियों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है, और विधेयक 26 मई को विधानसभा में पेश किया जाएगा।
- 01असम मंत्रिमंडल ने यूसीसी लागू करने की मंजूरी दी।
- 02आदिवासी समुदाय को यूसीसी के दायरे से बाहर रखा गया है।
- 03मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने चुनावी वादों के अनुसार इसे लागू करने की बात की।
- 04यूसीसी विवाह, तलाक और सहजीवन के मामलों को विनियमित करेगा।
- 05विधेयक 26 मई को असम विधानसभा में पेश किया जाएगा।
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असम मंत्रिमंडल ने बुधवार को राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बताया कि आदिवासियों को यूसीसी के दायरे से बाहर रखा जाएगा और यह निर्णय उनकी सरकार के चुनावी वादों के अनुरूप है। यूसीसी विवाह, तलाक और सहजीवन के पंजीकरण से संबंधित मामलों को विनियमित करेगा। यह विधेयक 26 मई को नई विधानसभा में पेश किया जाएगा। शर्मा ने कहा कि उत्तराखंड, गोवा और गुजरात पहले ही यूसीसी लागू कर चुके हैं, लेकिन असम में इसे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार तैयार किया गया है।
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यूसीसी लागू होने से असम में विवाह और तलाक के मामलों में पारदर्शिता बढ़ेगी और सभी नागरिकों के लिए समान कानून लागू होगा।
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